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कोरोना वायरस

*घर में 21 दिन तक रोज कर सकते हैं यह काम, हर दिन का हो एक विशेष काम*

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कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते भारत सरकार ने संपूर्ण भारत में 21 दिन अर्थात 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की है। कई क्षेत्रों में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है। ऐसे में आप सभी घर में रहकर 21 दिन तक क्या करेंगे? इस समय का भरपूर सकारात्मक उपयोग किया जा सकता है। तो आओ जानते हैं कि आप हर दिन क्या कर सकते हैं।

1. पहला दिन : हो सकता है कि कई दिनों से आप सोच रहे होंगे कि घर का सामान व्यवस्थित नहीं रखा है या आपकी जरूरी फाइलें, बैंक के पासबुक, जरूरी बिल आदि सभी को एक दिन में व्यवस्थित कर लें।

2. दूसरा दिन : यदि आपके घर में कंप्यूटर है और उसमें सबकुछ बिखरा बिखरा है, तो दूसरे दिन फोटो, वीडियो या आपकी तमाम फाइलें, फोल्डर आदि सभी को आप व्यवस्थित कर लें।

3. तीसरे दिन : आप घर के सभी सदस्यों के लिए खुद खाना बनाएं, परोसे या कुछ नया बनाना सीखें और सभी के साथ मजे करें।

4. चौथे दिन : आप अपना मन पसंद संगीत सुनें, फिल्में देखें और मजे से आराम करें।

5.पांचवें दिन : आप अपने सभी रिश्तेदारों की एक लिस्ट बनाएं और उन्हें एक-एक करके समयानुसार मोबाइल करें और उनसे उनके हालचाल पूछें। जरूरी सलाह दें और लें।

6. छठे दिन : आप अपने बच्चों को वे बातें सिखाएं, सुनाएं जो वे नहीं जानते हैं, जैसे चित्र बनाना, पेंटिंग करना, कोई कहानी सुनाना, अपने बचपन के अनुभव उनके साथ शेयर करना आदि सभी वे बातें जिससे आपके बच्चे का ज्ञानवर्धन हो।

7. सातवें दिन : आप अपने भविष्य का प्लान करें। सोचे कि 21 दिन से ज्यादा दिन घर में रहना पड़ा तो क्या करना होगा। राशन पानी, बैंक बैलेंस सभी को व्यवस्थित करने के बारे में सोचे। आप घर के सामान की एक लिस्ट बनाएं और देखें की घर में क्या है और क्या नहीं? किस चीज़ की आपको जरूरत है?

8. आठवें दिन : आप जूस पीकर पूरे दिन ध्यान और योग करें। खुद को शांत रखने का कार्य करें। योग या ध्यान नहीं कर सकते हैं तो पूजा पाठ करें या अपने ईष्टदेव का नाम जपते रहें।

9. नौवें दिन : आप कोई सी भी अपने मन पसंद की अच्छी किताब पढ़ें। यदि किताब घर पर नहीं हो तो यदि ऑनलाइन उपलब्ध हो तो वहां से पढ़ें।

10. दसवें दिन : आप अपने ज्ञान को अपडेट करें। आप जिस भी क्षेत्र में कार्य करते हैं उस क्षेत्र से संबंधित ज्ञान या जानकारी को और अधिक हासिल करें ताकि आप अपने कार्य में अधिक दक्ष हो पाएं।

11. ग्यारहवें दिन : आप इंटरनेट पर सर्फिंग करें। अधिक से अधिक जानकारी जुटाएं। सेहत, ज्ञान, विज्ञान और इतिहास के संबंध में अपने ज्ञान को बढ़ाएं। आज इंटरनेट पर हर तरह का ज्ञान उपलब्ध है तो आप उसका लाभ उठाएं।

12. बारहवें दिन : आप घर की अच्‍छे से साफ-सफाई करें। आम दिनों की जाने वाली साफ-सफाई से कुछ अलग और सभी तरह का कूड़ा कबाड़ बाहर निकाला दें।

13. तेरहवें दिन : आपके पास यदि ये जरूरी वस्तुएं नहीं है तो इनको जुटाने के बारे में सोचे। संकट काल में काम आती हैं ये वस्तुएं। जैसे, लालटेन, हाथ का पंखा, सिगड़ी, मल्टीपल पेचकस, फोल्डिंग सीढ़ी, केटली और सुराही, नीम और अरंडी का तेल, चकमक पत्थर, मल्टीपल ड्रिल मशीन, फोल्डिंग डंडा, घट्टी, सिलबट्टा और खल बत्ता, रेत घड़ी एवं चुम्बकीय दिशा सूचक कंपास या यंत्र, सूखे खाद्य पदार्थ अर्थात ड्राइ फ्रूट्स, फर्स्ट एड बॉक्स आदि। ऐसी कई चीजें हैं जो कि बहुत काम की होती है।

14. चौदहवां दिन : आप इस दिन घर की कोई चीज़ बिगड़ी पड़ी हो या किसी कपड़े को सिलाई की जरूरत हो तो यह कार्य कर सकते हैं।

15. पंद्रहवां दिन : आप अपने घर को अच्छे से सजा सकते हैं। कुछ हेरफेर कर सकते हैं, जैसे सोफा, पलंग, फ्रीज, अलमारी आदि की जगह बदलकर देख सकते हैं कि किसे कहां रखने से कंफर्ट रहेगा। आप वास्तु के जानकार हैं तो वास्तु के अनुसार भी चेंज कर सकते हैं।

16. सोलहवां दिन : घर में गार्डन है तो आप अच्‍छे से गार्डनिंग कर सकते हैं। घर में गैलरी में गमले रखें हैं तो उनकी सफा-सफाई, कर सकते हैं। पौधों के आसपास की मिट्टी खोदकर उसको उपजाऊ बना सकते हैं। नए पौधों का रोपण कर सकते हैं।

17. सत्रहवां दिन : एक दिन आप सामाजिक कार्यों में हाथ बंटा सकते हैं। सोसाइटी के अध्यक्ष या प्रशासन के लोगों से संपर्क करके उनके कार्यों में हाथ बंटा सकते हैं। जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं।

18. अट्ठारहवां दिन : घर में अपने परिवार के साथ टीवी, इंटरनेट आदि सभी बंद करके अंताक्षरी खेलें, शतरंज खेले या आपस में बैठकर भूली बिसरी बातें करें। इस दिन अपने रिश्तों को मजबूत करें।

19. उन्नीसवां दिन : आपके लिए यह खास समय है यदि आपने अपने जीवन के संबंध में कुछ नहीं लिखा नहीं है तो लिखें। सोचे कि अब तक आपने कैसा जीवन जिया। अपने खास दिनों को लिखें एक डायरी में।

20. बीसवां दिन : आप कहानी, कविता या लेख लिखने में रुचि रखते हैं तो लिखें। नहीं लिखना याद हो तो यह भी लिखना सीखें कि कैसे कहानी और कविताएं लिखी जाती हैं।

21. इक्कीसवां दिन : अपने द्वारा किए गए कार्यों की एक लिस्ट बनाएं। और इन दिनों में जो कार्य करना छूट गया हो उसे करने का प्रयास करें। इसके अलावा आगे की प्लानिंग करें।

अंत में हम कहना चाहें‍गे कि आप इन 21 दिनों में खुद को रिफ्रेश कर सकते हैं, सकारात्मक बना सकते हैं और कुछ नई चीजें सीख सकते हैं। यह जरूरी नहीं है कि उपरोक्त लिखी गई 21 दिन की प्लानिंग को आप ऐसे ही अपनाएं आप इसमें हेरफेर भी कर सकते हैं। अपने हिसाब से इसे मैनेज कर सकते हैं।

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कोरोना वायरस

छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में मिले 17 नए कोरोना मरीज..

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रायपुर :  कोरोना के 17 मरीज फिर छत्तीसगढ़ में मिले है. स्वास्थ्य विभाग ने बुलेटिन जारी कर यह जानकारी दी और बताया कि 17 जनवरी को 17 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई है. 4 हजार सैंपलों की जांच की गई. फ़िलहाल प्रदेश के 15 जिलों में संक्रमित मरीज सक्रिय है.

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कोरोना वायरस

ओमिक्रॉन का फैल रहा खतरनाक वेरिएंट, अब तक इतनों की हुई मौत…

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12 जनवरी 2024:-  छत्तीसगढ़ में जेएन-1 वायरस से ही कोरोना फैल रहा है। एम्स में हुई जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। गुरुवार को आई रिपोर्ट में 48 सैंपलों में 25 जेएन-1 वेरिएंट का मिला। बाकी ओमिक्रॉन का है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार जेएन-1 वेरिएंट ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट है। इससे ज्यादा खतरा नहीं है। हालांकि यह तेजी से फैलता है पर मृत्यु दर कम है। प्रदेश में तीन लोगों की जो मौत हुई है, उनके वायरस भी जेएन-1 के हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि भी की है। प्रदेश में प्रदेश में पिछले 22 दिनों में 269 मरीज मिल चुके हैं। रोजाना मरीज मिलने का औसत 12 से कुछ ज्यादा है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी पॉजिटिव केस की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच कराने को कहा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने एम्स में कुल 48 सैंपल भेजे थे। प्रदेश में जिन तीन लोगों की मौत हुई है, वे पहले ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। इस सीजन में केवल कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है। आंबेडकर अस्पताल में चेस्ट विभाग के एचओडी डॉ. आर.के. पंडा व मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा के अनुसार जेएन-1 वायरस ज्यादा खतरनाक नहीं है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है।

रायपुर में नए मरीज नहीं, प्रदेश में 18

राजधानी में गुरुवार को कोरोना को कोई नया मरीज नहीं मिला। वहीं प्रदेश में 18 नए केस मिले हैं। इनमें सुकमा व रायगढ़ में 4-4, बालोद व बस्तर में 3-3, दुर्ग, बेमेतरा, बलौदाबाजार व कांकेर में एक-एक मरीज मिला हैं। कुल 4714 सैंपलों की जांच की गई। संक्रमण दर 0.38 फीसदी रही। होम आइसोलेशन में 17 लोग स्वस्थ हुए।एम्स से गुरुवार को जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट आई। इसमें 48 में 25 सैंपलों में जेएन-1 वेरिएंट की पुष्टि हुई है। बाकी ओमिक्रॉन वेरिएंट वाले वायरस है। कोरोना से खतरा तो है, लेकिन डरने के बजाय अलर्ट रहने की जरूरत है। -डॉ. डीके तुर्रे, मीडिया प्रभारी स्वास्थ्य विभाग

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कोरोना वायरस

न्यू ईयर-क्रिसमस के जश्न पर भारी पड़ा कोरोना, 2023 के आखिरी महीने में 10,000 मौतें…

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कोरोना वायरस के केस फिर से आने लगे हैं. इस बार एक और नए वैरिएंट के साथ ये वायरस लोगों की अपनी चपेट में ले रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी कर बताया है कि कोरोना से पिछले महीने यानी दिसंबर में 10,000 मौतें हुईं हैं. इस रिपोर्ट पर एजेंसी के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने बढ़ते कोरोना वायरस की वजह छुट्टियों में सोशल गैदरिंग को बताया है. टेड्रोस ने कहा कि दिसंबर में लगभग 10,000 मौतें हुईं, जबकि नए साल के दौरान 50 देशों में अस्पताल में 42% मरीजों की बढ़ोतरी देखी गई है. ज्यादातर मामले यूरोप और अमेरिका से आए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल ने जिनेवा में संवाददाताओं से कहा कि 10,000 मौतें महामारी के चरम से काफी कम हैं, लेकिन रोकी जा सकने वाली मौतों का यह आकड़ा स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि यह तय है कि और जगहों पर भी मामले बढ़ रहे हैं जहां रिपोर्ट नहीं की जा रही हैं, उन्होंने सरकारों से निगरानी बनाए रखने और इलाज व टीकाकरण की मांग की है.टेड्रोस ने बताया कि JN.1 वैरिएंट अब दुनिया में सबसे तेजी से फैल रहा है. यह एक ओमिक्रॉन वैरिएंट है, इसलिए मौजूदा टीकों से भी इससे बचा जा सकता है. वहीं डब्ल्यूएचओ की टेक्निकल लीड मारिया वान केरखोव ने कोरोनो वायरस के साथ-साथ फ्लू, राइनोवायरस और निमोनिया के कारण दुनिया भर में सांस से संबंधी बीमारियों में इजाफा बताया है.

भारत में अब तक कितनी मौत?

भारत में अब तक, जनवरी 2020 में शुरुआती प्रकोप के बाद से कोरोनोवायरस मामलों की कुल संख्या 4,50,19, 819 तक पहुंच गई है, जबकि कुल मृत्यु का आंकड़ा 5,33,406 हो गया है. वहीं भारत में पिछले 24 घंटों में 605 नए कोविड मामले दर्ज किए गए है और चार लोगों की मौतें हुईं है.

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