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*राशन कार्ड धारियों को फरवरी एवं मार्च का चावल मिलेगा एक साथ*

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रायपुर । प्रदेश के राशन कार्ड धारी उपभोक्ताओं को फरवरी एवं मार्च 2020 का चावल एक साथ मिलेगा। खाद्य विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा प्रदेश के उचित मूल्य दुकानों से वितरण के लिए फरवरी एवं मार्च 2020 के लिए चावल का आबंटन एकमुश्त जारी कर दिया गया है। फरवरी एवं मार्च माह का चावल वितरण फरवरी में चावल उत्सव का आयोजन कर किया जाएगा। राशन कार्ड धारी उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार एक ही माह का अथवा दोनों माह का चावल एक साथ उठा सकता है। उपभोक्ता को दो माह का चावल एक साथ लेने की बाध्यता नही है। उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार फरवरी माह का चावल फरवरी में एवं मार्च माह का चावल मार्च माह में उचित मूल्य की दुकानो से उठा सकता है।

प्रदेश के 56 लाख 48 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकता निराश्रित, अन्नपूर्णा एवं निःशक्तजन राशन कार्डधारियों को नमक, चना, शक्कर एवं बस्तर संभाग में वितरण के लिए गुड़ का आबंटन माह फरवरी के लिए जारी किया गया है। इसके अलावा सामान्य (एपीएल) राशनकार्डधारी उपभोक्ताओं के लिए भी माह फरवरी का आबंटन जारी किया गया है। खाद्य विभाग द्वारा मंत्रालय से जारी खाद्यान्न आबंटन आदेश में प्रदेश के प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान में एक सप्ताह से 15 दिनों तक के लिए बड़ी मात्रा में चावल रखने के लिए सुरक्षित स्थान की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए गए हैं। उचित मूल्य की दुकानों में नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा भंडारित खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन निगरानी समिति के माध्यम से खाद्य विभाग के अधिकारियों से पुष्टि कराया जाएगा। राशन कार्डधारियों को दो माह का खाद्यान्न एक मुश्त वितरण करने के संबंध में जानकारी सभी उचित मूल्य के दुकानों में सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के साथ ही संचार माध्यमों एवं मुनादी के माध्यम से उपभोक्ताओं को जानकारी देने कहा है। खाद्य विभाग द्वारा प्रदेश के प्रत्येक उचित मूल्य की दुकानों में चावल महोत्सव का आयोजन कर जन प्रतिनिधियों, निगरानी समिति के सदस्यों एवं कलेक्टर द्वारा नामांकित अधिकारियों के समक्ष राशन का वितरण कराया जाएगा। आदेश में कलेक्टर द्वारा तथा खाद्य एवं सहकारिता आदि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से भण्डारण एवं वितरण व्यवस्था सतत निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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जब मितानिन दीदियों के साथ पंगत में बैठकर मुख्यमंत्री ने किया भोजन

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लाल भाजी, जिमीकांदा, मुनगा की सब्जी, इडहर कड़ी का चखा स्वाद
दरभा की जयमनी ने मुख्यमंत्री से कहा- बस्तर आएं तो अवश्य चखें खट्टी-चटपटी चापड़ा चटनी का स्वाद

बैगा जनजाति की मितानिन दीदी दसनी बाई लोगों तक पहुंचा रही हैं स्वास्थ्य सुविधाएं

रायपुर, 12 जुलाई 2024:- राजधानी रायपुर में मितानिन दीदियों को प्रोत्साहन राशि वितरण के लिए आयोजित ‘नवा सौगात‘ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मितानिन बहनों के साथ दोपहर का भोजन किया। मुख्यमंत्री साय पंगत में बस्तर दरभा से आयी मितानिन दीदियों जयमनी नाग और कवर्धा की बैगा जनजाति की दसनी बाई के साथ भोजन करने बैठे। भोजन में दही मिर्ची, लाई बड़ी, बिजौरी, चावल पापड़, चना, लाल भाजी, जिमीकांदा, मुनगा की सब्जी, इडहर कड़ी, भरवा करेला, चावल, कोदो चावल, रोटी, मीठे में रागी लड्डू, अंदरसा, गुलगुला, पीड़िया, मठ्ठा आदि परोसा गया। भोजन के प्रारंभ में फ्रूट सलाद भी सर्व किया गया।

मुख्यमंत्री ने मितानिन दीदियों के साथ बड़े चाव के साथ भोजन किया। इस दौरान उन्होंने जयमनी नाग और दसनी बाई से बड़ी ही आत्मीयता के साथ उनका कुशल क्षेम पूछा और कहा कि अब उनके बैंक खाते में हर महीने प्रोत्साहन राशि सीधे मिल जाया करेगी। मुख्यमंत्री ने जयमनी नाग से बातचीत के दौरान कहा कि बस्तर तो कई बार गया हूं, लेकिन चापड़ा चटनी का स्वाद चखने का मौका नहीं मिला। जयमनी नाग ने कहा कि अब जब बस्तर आएं तो खट्टी-चटपटी चापड़ा चटनी का स्वाद अवश्य चखें। मितानिन बहनों के साथ उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन एवं संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  अनुज शर्मा, विधायक  गुरु खुशवंत साहब स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने भोजन किया।

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16वें वित्त आयोग के प्रतिनिधि मंडल ने देर रात पहुंचकर नालंदा परिसर का किया अवलोकन

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रायपुर, 12 जुलाई 2024:-  16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने नालंदा परिसर की लाईब्रेरी का देर रात पहुंचकर अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल के साथ वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी भी उपस्थित थे। इस मौके पर पनगढ़िया के साथ अन्य सदस्य डॉ. सौम्यकांति घोष, एन्नी जार्च मैथ्यू, वित्त आयोग के सचिव रित्विक पांडे भी उपस्थित थे। उनका कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह तथा अन्य अधिकारियों ने गुलाब फूल और विवेकानंद साहित्य देकर स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल ने लाईब्रेरी की कार्य प्रणाली, विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था, पुस्तकों को इशू करने की व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था सहित प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क की जानकारी ली। पनगढ़िया ने नालंदा परिसर की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि नालंदा परिसर की लाईब्ररी में विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण और बहुत अच्छी सुविधा है। ऐसे वातावरण में विद्यार्थी तन्मयता से इतनी रात को भी निश्चिंत होकर अध्ययन कर रहे हैं। उनके लिए विविध प्रकार की व्यवस्था है जिससे उन्हें उनके लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग मिलेगा। ऐसा मॉडल अन्य जगह पर लागू किए जाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने अध्ययनरत् विद्यार्थियों से बातचीत की। विद्यार्थियों ने उनसे आयोग से संबंधित प्रश्न किए।  पनगढ़िया ने तथा अन्य सदस्यों ने वित्त आयोग की कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी दी।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया आयोग के सदस्यों को बताया कि यहां पर 500 रूपए की शुल्क पर सदस्यता प्रदान की जाती है। यहां पर विद्यार्थियों की मांग के आधार पर पुस्तकों की समय-समय पर खरीदी की जाती है और जिस किताब की ज्याद मांग हो उसे ज्यादा संख्या में खरीदा जाता है, ताकि अधिकाधिक सदस्य अध्ययन कर सके। विद्यार्थियों के लिए  24 घंटे, सातों दिन अध्ययन की सुविधा है।    लाईब्रेरी के अलावा बाहर में भी बैठने की व्यवस्था की गई है। चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को लाईब्ररी के भू-तल, प्रथमतल और रूफ टॉप का भी अवलोकन कराया और बताया कि यहां पर लंबी वेटिंग होने के कारण भविष्य में रूफ टॉप में बैठने की व्यवस्था कराई जाएगी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री गौरव सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप उपस्थित थे।

बिना इशू कराए पुस्तक ले जाने में बजा सिग्नल, सदस्यों ने देखी यह व्यवस्था

लाईब्रेरी के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि यहां पर आरएफआईडी की व्यवस्था लागू की गई है। जिसमें आईडी कार्ड में चिप लगा गया है। पुस्तक इशू करते समय चिप आईडी स्कैन किया जाता है। बिना इशू कराए किताब ले जाने पर सिग्नल बजता है जिससे प्रबंधन को जानकारी मिल जाती है। इसे प्रायोगिक तौर पर प्रतिनिधि मंडल को दिखाया गया। जैसी ही इंडियन पॉलिटी बिना इशू कराए बाहर ले गए, वैसे ही सिग्नल बजा। इस पर सदस्यों ने खुशी जताई।

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खुद के आशियाने में गृह प्रवेश कर गदगद हुआ रामसिंग कमार

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रायपुर, 12 जुलाई 2024:-प्रधानमंत्री जनमन योजना विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा-सीधा लाभ इन वर्गों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन की सरकार ने गरीबों की चिंता करते हुए सबके लिए पक्की छत की संकल्पना के साथ कार्य कर रही है। साय सरकार का प्रदेश में सभी गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना पहली प्राथमिकता में है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इन्हीं योजनाओं में से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने वाले धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंचायत खड़मा स्थित नवाडीह बसाहट के श्री रामसिंग कमार अपने खुद के आशियाने में गृह प्रवेश करते हुए कहते हैं कि प्रधानमंत्री जनमन योजना ने उनकी दशा और दिशा बदल दी है।

रामसिंग कमार बताते हैं कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत वर्ष 2023-24 में उन्हें आवास की स्वीकृति मिली। इसके बाद उन्हें अपने खुद के पक्के मकान की उम्मीद पूरी होती दिखाई देने लगी। उन्होंने बताया कि पहली किश्त की राशि 40 हजार रुपये मिलते ही उनकी उम्मीद पक्की होने लगी। इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर के तकनीकी मार्गदर्शन के आधार पर आवास निर्माण कार्य शुरू किया गया और प्रगति के आधार पर जैसे-जैसे किश्त की राशि मिलती गई, वैसे-वैसे कार्य स्तर बढ़ता गया और उनके सपनों का घर पूरा तैयार हो गया। इसमें अभिसरण के जरिए मनरेगा अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी राशि 19 हजार 890 रुपये एवं आवास की अनुदान राशि दो लाख रुपये, इस तरह कुल दो लाख 19 हजार 890 रुपये उन्हें शासन से मिले। घर में प्रवेश करते हुए श्री रामसिंग कमार खुशी से फूला नहीं समाए। उन्होंने इसके लिए देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया कि उनके सपनों का आशियाना मिल गया।

रामसिंग कमार अपनी आपबीती सुनाते हुए बताते हैं कि वर्ष 2023 में पत्नी की मृत्यु हो जाने के बाद उनके परिवार की स्थिति काफी खराब हो गई थी तथा परिवार में 3 पुत्रों के साथ 4 सदस्यों का कच्ची झोपड़ीनुमा घर में निवास करना दूभर हो रहा था। आए दिन जंगल से कीड़े, सांप, बिच्छू इत्यादि से डर बना रहता था। इसके अलावा बारिश में पानी टपकने, बंदरों द्वारा खपरैल तोड़ने से काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। गौरतलब है कि मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंचायत खड़मा में 159 परिवार निवासरत हैं, जिनका मुख्य व्यवसाय कृषि एवं वनोपज आधारित है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2016-17 से 2022-23 तक कुल 100 एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत वर्ष 2023-24 में 30 परिवारों को आवास की स्वीकृति मिली है। इस तरह कुल स्वीकृत 130 आवासों में से 117 आवास पूरे कर लिए गए हैं।

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