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*ATM से नहीं निकलेगा 2000 का नोट, 130 रुपए में देख सकेंगे 300 चैनल, 1 मार्च 2020 से होंगे ये 6 बदलाव*

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1 मार्च से बैंकिंग और अन्य सेवाओं के नियमों में बदलाव होने जा रहा है। यह बदलाव आपकी जेब पर सीधा असर डालेगा। पढ़िए कौनसे होंगे यह बदलाव :

1. एटीएम से नहीं निकलेगा 2000 रुपए का नोट : सरकारी बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जिन ग्राहकों को 2000 रुपए का नोट ही चाहिए वे बैंक की शाखा में आकर ले सकते हैं। इंडियन बैंक के एटीएम से 2000 रुपए के नोट 1 मार्च नहीं निकलेंगे। 1 मार्च 2020 के बाद से इंडियन बैंक के ATM में 2000 रुपए के नोट रखने वाले कैसेट्स को डिसएबल कर दिया जाएगा।

2. 130 रुपए में देख सकेंगे 300 चैनल : केबल टीवी के ग्राहक कम कीमत पर अधिक चैनल देख सकेंगे। ट्राई की ओर से पेश नए नियमों के अनुसार, प्रसारकों को 15 जनवरी तक अपने चैनलों की दरों में बदलाव कर 30 जनवरी तक चैनलों की नई दरों की सूची जारी कर करनी थीं। नई दरें 1 मार्च 2020 से लागू होंगी।

3. एसबीआई के ग्राहक नहीं कर सकेंगे लेनदेन : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने सभी खाताधारकों को अलर्ट जारी किया है। अलर्ट मैसेज में एसबीआई ने कहा कि वे बैंक में अपने खातों में केवायसी करवा लें। बैंक ने केवायसी के लिए अंतिम तारीख 28 फरवरी 2020 थी। एसबीआई के नए नियम के अनुसार ग्राहक बिना केवायसी के 1 मार्च 2020 से लेनदेन नहीं कर सकेंगे।

4. फ्री नहीं मिलेगा फास्टैग : 1 मार्च 2020 के बाद आपको फ्री में फास्टैग भी नहीं मिलेगा। एनएचआई ने 29 फरवरी तक फास्टैग फ्री देने की घोषणा की थी।

5. बदल जाएंगे एटीएम से जुड़े नियम : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एटीएम कार्ड यानी डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नए नियम जारी किए हैं। आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि वे भारत में कार्ड जारी करने के समय एटीएम और PoS पर सिर्फ डोमेस्टिक कार्ड के इस्तेमाल की इजाजत दें।

आरबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए अलग से अनुमति लेनी होगी। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन लेनदेन, कार्ड नहीं होने पर लेनदेन और कांटेक्टलेस लेनदेन के लिए, ग्राहकों को अपने कार्ड पर सेवाओं को अलग से सेट करना होगा।

6. लॉटरी पर लागू होगी जीएसटी की नई दर : लॉटरी पर 1 मार्च से 28 फीसदी की दर से माल एवं सेवा कर यानी जीएसटी लगेगा। जीएसटी काउंसिल ने पिछले साल दिसंबर में राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे और मान्यता प्राप्त लॉटरी पर 28 प्रतिशत की एक समान दर से जीएसटी लगाने का फैसला लिया था। नए नियम के मुताबिक, लॉटरी पर केंद्रीय कर की दर 14 फीसदी हो गई है और राज्य सरकारें भी समान दर से यानी 14 फीसदी टैक्स लेंगी।

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यूपी के इस शहर में दोपहर 12 से 3 के बीच नहीं दिखेगा सड़कों पर रेड सिग्नल…

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गोरखपुर: गोरखपुर में लगातार गर्मी बढ़ रही है. दिन के समय तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है. शहर में तेजी से बढ़ती गर्मी अपना असर दिखाने लगी है. दोपहर के समय लोगों ने घरों से बाहर निकलना लगभग बंद कर दिया है. बाजार भी सुनसान पड़ने लगे हैं. बढ़ती गर्मी का असर आम आदमी के स्वास्थ्य पर दिख रहा है. अभी आने वाले कई दिनों तक तापमान में बढ़ोतरी होने की आशंका है. लिहाजा सभी को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. इस भयंकर गर्मी में कई बार लोगों को रेड सिग्नल पर खड़े होकर सिग्नल ग्रीन होने का इंतजार करना पड़ रहा है. बढ़ती धूप और हीट स्ट्रोक के कारण सिग्नल पर 2 से 3 मिनट खड़ा होना लोगों को पहाड़ जैसा लग रहा है. ऐसे मे कई लोग हीट स्ट्रोक के चपेट में भी आ रहे है. इससे बचने के लिए अब शहर के ट्रैफिक व्यवस्था को अनोखे तरीके से चलाया जाएगा. जिसमें कड़ी धूप में लोगों को अब रेड सिग्नल पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा. बल्कि दोपहर में 12 से 3 के बीच में ‘येलो ब्लिंकिंग मोड’ पर ट्रैफिक चालू रहेगा.

12 से 3 के बीच नहीं होगा रेड सिग्नल
इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को ग़र्मी और धूप से बचाने के लिए यातायात विभाग से अनुरोध किया है. यातायात विभाग से यह भी अपील की गई है कि वे इंटीग्रेटेड ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से जन समुदाय को लू प्रकोप से बचाव के लिए जागरूक करें. आपदा प्रबंधन विभाग की अपील के बाद 12 से 3 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल को येलो ब्लिंकिंग मोड पर डाल दिया जाएगा. जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया कि, पूरे गर्मी में इसी तरह की व्यवस्था रहेगी और लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए यह उपाय किया गया है. इस दौरान किसी भी तरह का सिग्नल लोगों को फॉलो नहीं करना पड़ेगा. येलो ब्लिंकिंग मोड पर रहने के बाद भी लोग आसानी से सिग्नल क्रॉस कर सकते हैं.

इन कारणों से कट सकता है चालान
गर्मी से और हीट स्ट्रोक से लोगों राहत देने के लिए, रेड सिग्नल को येलो ब्लिंकिंग मोड पर डाला गया है. जिस कारण चौराहों पर लोगों को रुकना नहीं पड़ेगा और उनका चालान भी नहीं कटेगा. लेकिन ऐसे में अगर बिना हेलमेट और ट्रिपलिंग करते पकड़े गए तो, ITMS के कैमरे द्वारा उनका चालान कर दिया जाएगा. ‘येलो ब्लिंकिंग मोड’ की सुविधा सिर्फ गर्मी से बचने के लिए है. लेकिन किसी भी तरह के ट्रैफिक रूल को तोड़ने पर लोगों को जुर्माना भरना पड़ेगा

 

 

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मार्क जुकरबर्ग को बड़ा झटका, इस देश में WhatsApp और Threads हुए बैन

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Mark Zuckerberg के सोशल मीडिया ऐप्स WhatsApp  और Threads को Apple ने अपने App Store से हटा दिया है। Meta के इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चीन में बड़ी कार्रवाई की गई है। चीनी सरकार ने मार्क जुकरबर्ग के इन दोनों ऐप्स को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। सामने आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल से इन दोनों ऐप्स को अपने ऐप स्टोर से हटाने के लिए निर्देश जारी किया गया था, जिसके बाद एप्पल ने इन दोनों ऐप्स को चीन में ऐप स्टोर से हटा दिया है। हालांकि, Meta के अन्य ऐप्स Facebook, Instagram और Messanger पर सरकार ने प्रतिबंध हीं लगाया है। ये तीनों ऐप्स फिलहाल एप्पल ऐप स्टोर से नहीं हटाए गए हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से लगा प्रतिबंध

पिछले दिनों पाकिस्तान सरकार ने एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी सुरक्षा कारणों से बैन लगा दिया है। सामने आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी सरकार ने Meta के इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय सुरक्षा में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है। Meta के इन दोनों ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने पर Apple ने कहा है कि चीन के साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने इन्हें हटाने के लिए आदेश जारी किया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि WhatsApp और Threads किस तरह से चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे थे। वाट्सऐप दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है।

Apple ने अपने स्टेटमेंट में बताया कि हम जिस देश में काम करते हैं, वहां के नियमों का पालन करना पड़ता है। भले ही हम किसी बात से असहमत ही क्यों न हों। हालांकि, मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा की तरफ से इस मामले में कोई टिप्पणी जारी नहीं की गई है। साथ ही, चीनी सरकार ने भी नहीं बताया है कि ये दोनों ऐप्स किस तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा में बाधा पहुंचा रहे थे।

अन्य देशों में बैन नहीं हैं ये ऐप्स

एप्पल ने बताया कि मेटा के ये दोनों ऐप्स चीन के अलावा अन्य देशों में ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध रहेंगे। वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन में लागू हुए नए नियमों की वजह से इन दोनों ऐप्स पर कार्रवाई की गई है। चीनी एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी ऐप्स को 31 मार्च तक रजिस्ट्रेशन करने के लिए डेडलाइन दी थी। जिन ऐप्स ने चीनी सरकार के पास रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उन पर कार्रवाई की जा रही है।

ऐसा पहली बार नहीं है कि चीनी सरकार ने किसी ऐप पर प्रतिबंध लगाया है। इससे पहले चीन में ChatGPT जैसे जेनरेटिव AI फीचर वाले कई ऐप्स पर प्रतिबंध लग चुका है।

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क्या केजरीवाल को जेल में मिलेगी इंसुलिन? कोर्ट इस तारीख को सुनाएगी फैसला

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दिल्ली शराब घोटाला मामले में न्यायिक हिरासत झेल रहे आम आदमी पार्टी के संयोजक और  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें तिहाड़ जेल में इंसुलिन मुहैया कराने के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दायर की है। शुक्रवार को कोर्ट में इस मामले को लेकर केजरीवाल के वकील, तिहाड़ प्रशासन और ईडी में लंबी बहस चली जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा है कि वह इस याचिका पर फैसला आगामी 22 अप्रैल को सुनाएगा।

मेडिकल बोर्ड बनाने पर विचार कर सकते है- कोर्ट

केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि हम एक मेडिकल बोर्ड बनाने पर विचार कर सकते है। जो हेल्थ पर एक रिपोर्ट देंगे। केजरीवाल की तरफ से कहा गया कि उन्हें भी हमारे डॉक्टर से कंसल्ट करना होगा। कोर्ट ने कहा कि ठीक है आप कल तक एक रिप्लाई फाइल करें और हम सोमवार को इस पर आर्डर करेंगे। जिस पर याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि हमारे मुवक्किल के साथ गलत हो रहा है सेहत खराब है अभी सोमवार में 3 दिन है।

AIIMS के डॉक्टर्स करें जांच- ED

ED ने कहा AIIMS के डॉक्टर को केजरीवाल की सेहत की जांच करने दिया जाए। इस पर केजरीवाल के वकील ने कहा कि हमको ED की सलाह की ज़रूरत नहीं है, ED का मामले से कोई लेना देना नहीं है, केजरीवाल का खाना तीन पर चेक किया जाता है तब उनको खाना दिया जाता है। केजरीवाल के वकील ने कहा कोर्ट को जेल अथॉरिटी से पूछना चाहिए कि ED को केजरीवाल के खाने की एक एक डिटेल किस ऑथारिटी के तहत दिया गया।

इंसुलिन की कोई जरूरत नहीं है- तिहाड़ प्रशासन

तिहाड़ प्रशासन ने कोर्ट में कि केजरीवाल के घर का बना खाना एम्स की रिपोर्ट के अनुसार होना चाहिए और अगर ऐसा नहीं होता है, तो मुझे यह सुझाव देना पड़ेगा कि जेल मैनुअल के अनुसार घर का बना खाना नहीं दिया जाना चाहिए। जेल अथॉरिटी ने कहा कि केजरीवाल को डाइट को फॉलो करना चाहिए, इंसुलिन की कोई जरूरत नहीं है, दरअसल, अगर वह इंसुलिन लेंगे तो शुगर लेवल काफी कम हो जाएगा। जेल अथॉरिटी ने कहा कि एम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें आम, चीकू, केला आदि से परहेज करना होगा।

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