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बच्चे खूब पढ़े-आगे बढ़े, देश-प्रदेश जिले के विकास में अपना दें योगदान : विधायक किरण देव

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जगदलपुर, 26 जून 2024 : शैक्षणिक सत्र 2024-25 के तहत बुधवार को जिले के सभी स्कूलों का शिक्षा सत्र प्रारंभ हुआ, जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन जगदलपुर विकासखंड के ग्राम साड़गुड़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में जगदलपुर विधायक श्री किरण देव की मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री देव ने शाला प्रवेशोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि सभी बच्चे खूब पढ़े, आगे बढ़े, सुशिक्षित बनकर नौकरी या अच्छा व्यवसाय करें और देश-प्रदेश, जिले के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सरकार की प्राथमिकता वाले विषय है, इन पर कई कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, इनका लाभ लें। कार्यक्रम में श्री देव ने साड़गुड़ स्कूल परिसर में सायकल स्टैंड बनाने की भी घोषणा की। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा कक्षा पहली, छठवीं और नवमीं के नव प्रवेशी बच्चों का तिलक, पुष्पहार, स्कूल बैग और किताबें देकर स्वागत किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम में वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर 2024-25 का विमोचन और परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विधार्थियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल ने स्थानीय हल्बी बोली में सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है,गणवेश,पाठ्य पुस्तक,मध्यान्ह भोजन इत्यादि के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई करने प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बच्चों के माता-पिता और पालकों से प्रत्येक बच्चे को स्कूल अवश्य भेजने का आग्रह किया। वहीं बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें अपने गांव-क्षेत्र का नाम रौशन करने की समझाइश दी।

कार्यक्रम में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार  वर्ष 2024-25 के नए शिक्षा सत्र का पुनःप्रारंभ किया जा रहा है। बस्तर विविध बोलियों एवं संस्कृति से समृद्ध क्षेत्र है। यहां के स्थानीय बोलियों को शिक्षा का माध्यम बनाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर मातृभाषा में शिक्षण हेतु हल्बी, भतरी, गोंडी में कक्षा पहली एवं दूसरी की अध्ययन सामग्री तैयार किया गया है। जिलें में 08 पी.एम.श्री विद्यालय सर्व सुविधाओं के साथ संचालित है, इस वर्ष 06 विद्यालयों का प्रस्ताव भी शासन को प्रेषित किया गया है। जिलें में हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक शैक्षणिक तकनीकी माध्यमों से ऑनलाइन पाठ्यक्रम अनुसार पढ़ाई की सुविधा करने के प्रयत्न किया जा रहा है। इसके लिये विषयवार विशेषकर भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित एवं अंग्रेजी के पाठ रिकार्डिंग मोड में तैयार कर विद्यालय एवं छात्रों को उपलब्ध कराये जायेंगे ताकि विद्यार्थी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा अर्जित कर सके।

कलेक्टर ने बताया कि प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिये एवं समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति हेतु शिक्षकों के लिये अकादमिक, प्रशासनिक कैलेण्डर निर्मित कर शालाओं को दिया जा रहा है जो मॉनिटरिंग में भी मदद करेगा। जिले के विद्यालयों में विभिन्न कारणों से शाला त्यागी बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिये रणनीति तैयार कर कार्य प्रारंभ किया है। इस वर्ष भी कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले सभी 7072 छात्र- छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र जारी करने का लक्ष्य है। आंगनबाड़ी के बच्चों को आमचो चिन्हारी योजना के तहत गत वर्ष 23 हजार बच्चों को जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है शेष को जल्द जारी किया जाएगा। साथ ही जिलें में 290 बालवाड़ी केन्द्र संचालित है, इस वर्ष 160 नवीन बालवाड़ी केन्द्र शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस शिक्षा सत्र में बस्तर जिले में शिक्षा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ ही नये आयामों को प्राप्त करने में सफल होंगें। कार्यक्रम के उपरांत अतिथियों ने पौधारोपण किया और स्कूल में आयोजित न्यौता भोजन में बच्चों के साथ दोपहर का भोजन किया। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, क्षेत्र के जिला एवं  जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच,सीईओ जिला पंचायत श्री प्रकाश सर्वे, एसडीएम श्री भरत कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल, शिक्षा विभाग जनपद पंचायत के अन्य अधिकारी सहित बड़ी संख्या में शाला प्रवेशी स्कूली बच्चे और उनके पालक उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़ में अब तक 278.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

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रायपुर, 17 जुलाई 2024  : राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 278.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 17 जुलाई सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 520.2 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 136.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 197.5 मिमी, बलरामपुर में 336.5 मिमी, जशपुर में 239.8 मिमी, कोरिया में 247.8 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 204.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।

इसी प्रकार, रायपुर जिले में 250.4 मिमी, बलौदाबाजार में 290.4 मिमी, गरियाबंद में 326.4 मिमी, महासमुंद में 217.8 मिमी, धमतरी में 279.1 मिमी, बिलासपुर में 326.2 मिमी, मुंगेली में 314.7 मिमी, रायगढ़ में 327.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 190.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 291.3 मिमी, सक्ती में 253.9 कोरबा में 386.7 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 340.7 मिमी, दुर्ग में 178.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 252.4 मिमी, राजनांदगांव में 226.2 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 241.8 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 185.6 मिमी, बालोद में 265.6 मिमी, बेमेतरा में 163.6 मिमी, बस्तर में 380.9 मिमी, कोण्डागांव में 282.7 मिमी, कांकेर में 270.7 मिमी, नारायणपुर में 311.3 मिमी, दंतेवाड़ा में 314.5 मिमी और सुकमा जिले में 444.7 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

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सूरजपुर जिले के कुल 147 श्रद्धालु श्री राम लला के दर्शन के लिए अयोध्या धाम रवाना

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सूरजपुर/17 जुलाई 2024 : छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा जिले के स्थानीय निवासियों को अयोध्या धाम यात्रा की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है। श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) यात्रा योजना 2024 के तहत आज विशेष ट्रेन द्वारा अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम के लिए जिले के 147 श्रद्धालु रवाना हुए। जिसमें सूरजपुर से 49, रामानुजनगर से 32, भैयाथान से 27, प्रतापपुर से 35 तथा 4 शामिल हैं। गौरतलब है कि श्रद्धालुओं को अंबिकापुर पहुंचने के पश्चात स्पेशल ट्रेन से बनारस (बाबा विश्वनाथ) के दर्शन कराते हुए प्रभु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या धाम प्रस्थान करेगें। यह यात्रा कुल 04 दिनों की होगी।

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों के विवाह की चिंता हुई दूर,रायगढ़ में 45 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

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 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों के विवाह की चिंता हुई दूर

 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों के विवाह की चिंता हुई दूर

  रायपुर, 17 जुलाई 2024 : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को होने वाली आर्थिक परेशानियों को दूर करना, शादी के मौके पर फिजुलखर्ची को रोकना, सामूहिक विवाह के आयोजन से सामाजिक स्थिति में सुधार लाना है। गतदिवस को रायगढ़ जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 45 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को कन्या के नाम से 35 हजार रूपये की राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की गई। उपहार के रूप में बैग, श्रृंगार सामाग्री, कपड़े इत्यादि वर-वधु को दिया गया तथा जोड़ों को विवाह प्रमाण पत्र दिया गया।

इनमें से गोपालपुर, बोईरदादर की निवासी श्रीमती देवंती सिदार ने  और भगवानपुर निवासी श्रीमती भारती ने बताया कि उनकी शादी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 16 जुलाई 2024 को हुई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उनका पंजीयन किया गया और इस योजना का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि वे अभी अपने अपने पति के साथ बेहद खुश है। गरीबी के कारण परिवार वालों के लिए शादी कराना बहुत बड़ी चुनौती थी पर इस योजना के चलते यह चुनौती आसानी से हल हो गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवम् बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े को धन्यवाद देते हुए हितग्राहियों कहा कि इस योजना ने हमारे माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर धूमधाम से विवाह करने समर्थ बना दिया।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। महतारी वंदन योजना, महतारी जतन योजना, इनमें से और एक योजना है, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना। इस योजना के तहत सरकार द्वारा उन लोगों को सहायता प्रदान किया जाता है जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। ऐसे परिवार की बेटियों को इस योजना का लाभ दिया जाता है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों को विवाह के लिए सरकार सहायता राशि प्रदान करती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना कमजोर, आर्थिक परिस्थितियों वाले परिवारों की बेटियों के हाथ पीले कर माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर रही है, जिनके घर में बेटियां होती है, उनके माता-पिता को बेटी की शादी योग्य उम्र होते ही चिंता सताने लगती है। हर मां-बाप का सपना होता है कि उनकी बेटी की शादी धूमधाम से हो, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण सपना अधूरा रह जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से हजारों परिवारों के माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर उनकी चिंता दूर कर रही है।

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