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मुख्यमंत्री ने बेमेतरा से छत्तीसगढ़ राज्य के गौठानों में गोबर से विद्युत उत्पादन परियोजना का किया शुभांरभ

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बेमेतरा, 02 अक्टूबर 2021। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज बेमेतरा जिला मुख्यालय के बेसिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के गौठानों में गोबर से बिजली उत्पादन की परियोजना का वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम सुराज की परिकल्पना को साकार करते हुए गांवों को स्वावलंबी बनाने में जुटी है। अब छत्तीसगढ़ के गांव गोबर से विद्युत उत्पादन के मामले में स्वावलंबी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब विद्युत उत्पादन का काम सरकार और बड़े उद्योगपति किया करते थे। आज हमारे राज्य में गांव के ग्रामीण टेटकू, बैशाखू, सुखमती, सुकवारा भी बिजली बनाएंगे और बेचेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर खरीदी का मजाक उड़ाने वाले लोग अब इसकी महत्ता को देख लें। कार्यक्रम में गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, संसदीय सचिव श्री गुरूदयाल बंजारे, बेमेतरा के विधायक श्री आशीष छाबड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बेमेतरा जिले के राखी गौठान, दुर्ग जिले के सिकोला तथा रायपुर जिले के बनचरौदा में गोबर से विद्युत उत्पादन के शुभारंभ अवसर पर वहां मौजूद स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं गौठान समितियों के सदस्यों से उनकी आयमूलक गतिविधियोें के बारे में चर्चा करते हुए उन्हें अब गोबर से विद्युत उत्पादन की यूनिट शुरू होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर से वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से जितना लाभ महिला समूहों को हो रहा है। बिजली उत्पादन शुरू होने से उन्हें दोगुना लाभ मिलने लगेगा।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बेमेतरा जिले में 503 करोड़ रूपए की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को अनुदान सहायता राशि एवं सामग्री का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बेमेतरा जिले के देवकर, भिंभौरी को तहसील तथा मारो को उप तहसील बनाए जाने, थान खम्हरिया में पॉलीटेक्निक कॉलेज, साजा में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, परपोड़ी एवं साजा के स्वास्थ्य केन्द्र का सामुदायिक केन्द्र में उन्ययन, देवरबीजा और नांदघाट में महाविद्यालय खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने दाढ़ी को नगर पंचायत बनाने , नवागढ़ में उप कोषालय तथा कन्या पोस्ट मेट्रिक छात्रावास प्रारंभ करने, साजा के एग्रीकल्चर कॉलेज का नामकरण स्वर्गीय कुमारी देवी चौबे के नाम करने, बेमेतरा के कृषि महाविद्यालय का नामकरण पूर्व विधायक स्वर्गीय डॉ. चेतन वर्मा के नाम किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बेमेतरा में ऑडिटोरियम का निर्माण तथा बेमेतरा नगर पालिका को एक करोड़ तथा जिले के नगर पंचायतों को विकास कार्यों के लिए 50-50 लाख रूपए देने का एलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के सभी गौठानों में गोबर की बिजली उत्पादन शुरू किया जाएगा। समूह की महिलाएं गोबर से बिजली बनाएंगी और बेचेंगी। उनकी बिजली सरकार खरीदेगी। गौठानों में स्थापित रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में विभिन्न प्रकार के उत्पादों को तैयार करने के लिए लगी मशीनें भी गोबर की बिजली से चलेंगी। गौठान अब बिजली के मामले में स्वावलंबी होंगे। है। गोबर से सस्ती बिजली उत्पादन होने के साथ-साथ जैविक खाद का भी उत्पादन होगा। इससे गौठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को दोहरा लाभ होगा। गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, संसदीय सचिव श्री गुरूदयाल बंजारे, बेमेतरा के विधायक श्री आशीष छाबड़ा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को सकार कर रही है। समाज के सभी वर्गो की बेहतरी के लिए सरकार ने योजनाएं बनाई है। गांव, ग्रामीण, किसान, मजदूर के जीवन में खुशहाली लाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। उन्होंने इस मौके पर बेमेतरा अंचल के विकास के लिए कई मांगों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया और इसे पूरा करने का आग्रह किया।

गौरतलब है कि सुराजी गांव योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग 6 हजार गांवों में गौठानों का निर्माण कराकर उन्हें रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया गया है, यहां गोधन न्याय योजना के तहत दो रूपए किलो में गोबर की खरीदी कर बड़े पैमाने पर जैविक खाद का उत्पादन एवं अन्य आयमूलक गतिविधियां समूह की महिलाओं द्वारा संचालित की जा रही है। गोबर से विद्युत उत्पादन की परियोजना के प्रथम चरण में बेमेतरा जिले के राखी, दुर्ग के सिकोला और रायपुर जिले के बनचरौदा में गोबर से विद्युत उत्पादन की यूनिट लगाई गई हैै। एक यूनिट से 85 क्यूबिक घन मीटर गैस बनेगी। चूंकि एक क्यूबिक घन मीटर से 1.8 किलोवाट विद्युत का उत्पादन होता है। इससे एक यूनिट में 153 किलोवाट विद्युत का उत्पादन होगा। इस प्रकार उक्त तीनों गौठानों में स्थापित बायो गैस जेनसेट इकाईयों से लगभग 460 किलोवाट विद्युत का उत्पादन होगा, जिससे गांवों, गौठानों में प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ वहां स्थापित मशीनों का संचालन हो सकेगा। गोबर से विद्युत उत्पादन की यूनिट से बिजली उत्पादन के बाद शेष स्लरी के पानी का उपयोग बाड़ी और चारागाह में सिंचाई के लिए होगा तथा बाकी अवशेष से जैविक खाद तैयार होगी। इस तरह से देखा जाए तो गोबर से पहले विद्युत उत्पादन और उसके बाद शत-प्रतिशत मात्रा में जैविक खाद प्राप्त होगी। इससे गौठान समितियों और महिला समूहों को दोहरा लाभ मिलेगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में 6112 गौठान पूर्ण रूप से निर्मित एवं संचालित है। गौठानों में अब तक 51 लाख क्विंटल से अधिक की गोबर खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में ग्रामीणों, पशुपालकों को 102 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। गोबर से गौठानों में अब तक 12 लाख क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट खाद का उत्पादन एवं विक्रय किया जा चुका है। सुराजी गांव योजना के तहत निर्मित गौठान और गोधन न्याय योजना के कन्वर्जेंस से बहुआयामी लाभ मिलने लगा है। इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़े है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल मिला है। इस अवसर पर एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर श्री विलास भोसकर संदीपान, पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद कुजूर, नगर पालिका अध्यक्ष बेमेतरा श्रीमती शकुंतला साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

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साय कैबिनेट की बैठक 19 जून को

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रायपुर :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 19 जून बुधवार को अपराह्न 3:00 बजे महानदी भवन, मंत्रालय में आयोजित होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक राशि का नगद भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। इन जिलों में बैंकों की शाखाएं दूर-दूर हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को यह निर्देश जारी किए हैं। सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों के हाट-बाजारों में कैम्प लगाकर तेन्दूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 में पारिश्रमिक राशि का नगद भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशों के परिपालन में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश मंत्रालय से जारी कर दिए गए हैं। सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों के अलावा अन्य जिलों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को उनके खाते में पारिश्रमिक राशि का भुगतान किया जाता है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि समस्त नगद भुगतान की कार्यवाही जिला कलेक्टर के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण में सम्पन्न की जाएगी। नगद भुगतान के लिए कौन से संग्राहक पात्र होंगे, इसका निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक प्रकरण का नगद भुगतान कलेक्टर की अनुमति से होगा। प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर तथा वन मंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, जिला यूनियन द्वारा आपसी समन्वय से प्रस्तावित क्षेत्र के अंतर्गत हाट बाजार या अन्य उपयुक्त स्थान पर कैम्प का आयोजन कर संबंधित संग्राहकों को तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्ड में उचित प्रविष्टि कर नगद भुगतान करते हुये पावती प्राप्त करेंगे। नगद भुगतान के पूर्व पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा नगद भुगतान से संबंधित समस्त कार्य की संपूर्ण वीडियोग्राफी करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में उपरोक्त कैम्प के दौरान संग्राहकों को आवश्यकतानुसार आधारकार्ड जारी करने, बैंक खाता खुलवाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस हेतु सी.एस.सी. स्थानीय बैंक आदि से आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाएगा। संग्राहकों द्वारा प्राप्त बैंक खाता विवरण के अनुरूप संग्राहक सर्वेक्षण साफ्टवेयर तेन्दूपत्ता पेमेंट साफ्टवेयर में आवश्यक पंजीयन आदि जिला यूनियन तथा सी.एस.सी. के माध्यम से कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। संग्राहकों को पारिश्रमिक राशि के भुगतान की कार्यवाही 15 दिन के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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स्कूल खुलने से पहले स्कूल बसों का निरीक्षण

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बेमेतरा :  हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिले में संचालित स्कूल बसों का निरीक्षण शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले किया गया। जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के द्वारा किया गया। इस निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। बसों की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और ड्राइवरों के लाइसेंस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा वाहन के चालकों एवं परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान बसों की ब्रेक, टायर, लाइटिंग सिस्टम, और इमरजेंसी एग्जिट की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया। साथ ही, फर्स्ट ऐड किट और अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता को भी सुनिश्चित किया गया। ड्राइवरों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें उन्हें यातायात नियमों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के बारे में जानकारी दी गई। जिला परिवहन अधिकारी अरविंद भगत ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुल 95 वाहन कार्यालय में उपस्थित हुए। सभी 95 वाहनो में प्राथमिक चिकित्सा पेटी पायी गई।

91 वाहनों में अग्नि शमन यंत्र पाया गया। सभी 95 वाहनों में स्पीड गवर्नर पिट पाए गए। 92 वाहनों में फिटनेस सर्टिफिकेट वैध पाया गया एवं 3 में फिटनेस सर्टिफिकेट की वैधता समाप्त होना पाया गया। 92 वाहन मे बीमा वैध पाया गया। 75 वाहनों में प्रदूषण प्रमाण पत्र पाये गये एवं 20 वाहनों के द्वारा पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। सभी 95 वाहनों में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ पाया गया। सभी 95 वाहनों में जीपीएस लगा हुआ पाया गया। 90 वाहनों में परमिट वैध पाए गए। 3 वाहनों में परमेट की वैधता समाप्त होना पाया गया एवं 2 वाहनों में परमिट नहीं पाये गये। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 33

वाहन चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस बार निरीक्षण में कुछ बसों में मामूली खामियां पाई गई, जिन्हें तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। जो बसें मानकों पर खरी नहीं उतरीं, उन्हें सेवा से बाहर कर दिया गया है। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। निरीक्षण अभियान के सफल समापन के बाद, अब सभी स्कूल बसें नए शिक्षा सत्र के लिए तैयार हैं, और प्रशासन ने विश्वास दिलाया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। जिन वाहनों में कमी पाई गई एवं जो वाहन किसी कारणवश प्रस्तुत नहीं किए जा सके उन्हें एक हफ्ते के अंदर सुधार कर जिला परिवहन कार्यालय में प्रस्तुत करने हेतु विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया।

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आकाशीय बिजली की चपेट में आने से युवती की मौत

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कांकेर :  कांकेर जिले के नरहरपुर क्षेत्र के थानाबोड़ी गांव में सोमवार को तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ जमकर बारिश हुई। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से बाड़ी में काम कर रहे एक युवती की मौत हो गई। जबकि 4 मजदूर घायल है। जिनका नरहरपुर स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। दरअसल, जिले में सोमवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए थे। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। नरहरपुर के थानाबोड़ी के हल्बा गांव निवासी हृदयराम की बाड़ी में काम चल रहा था। इसी दौरान बारिश होने पर मजदूर पेड़ के नीचे खड़े हो गए। अचानक आकाशीय बिजली गिरने से मजदूर युवती तामेश्वरी सिन्हा की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार मजदूर घायल हो गए। जिन्हें 108 के माध्यम से नरहरपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां घायलों का इलाज जारी है। फिलहाल घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

 

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