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अलग -अलग सरकार की योजना रतनजोत और गौठान की जमीनी हकीकत

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रिपोर्टर मुन्ना पांडेय,लखनपुर+सरगुजा : छत्तीसगढ़ प्रदेश में अलग-अलग सरकार द्वारा पूर्व में चलाये गये योजनाओं की चर्चा आज भी होते रहता है। पूर्व के भाजपा सरकार ने अपने बीते कार्यकाल वर्ष 2003 से साल 2018 तक बेहतर और जनहितैषी योजनाएं बनाये। उन योजनाओं का लाभ आमजनता को कितना मिला आज भी मूल्यवान किया जाता है। जिसमें एक योजना रतनजोत लगाये जाने की चली थी। 2004-5 के दौर में सूबे के सिंहासन पर आसीन रहे पू्र्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के नेतृत्व वाले भाजपा सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से रतनजोत पौधा लगाने का मुहिम चलाया था ।इस योजनाओं का जिक्र आज भी सरे आम होता रहता है। ब्लाक क्षेत्र के मजदूर रतनजोत लगाने की हकीकत बताते हैं।

 

राज्य सरकार द्वारा रतनजोत लगाने फरमान के बाद तूफान गति से प्रदेश के ज़र्रे ज़र्रे में रतन जोत लगाये गये थे।जब छत्तीसगढ़ राज्य में भाजपा का हुकुमत था सड़क किनारे स्कूल, पंचायत भवनो, शासकीय खाली जमीनो पर रतनजोत पौधे लगाए गए थे। मनरेगा, वनविभाग कृषि, उद्यानिकी सहित अन्य विभागों के मजदूरों ने रात दिन एक करके तेज गति से रतनजोत लगाने का कार्य दिलचस्पी के साथ बृहद पैमाने में किया था। आज क्षेत्र के ग्राम मुटकी निम्हा कुन्नी ग्राम चुकनडाड के ग्राम अमदला कुसु,तुनगुरी जमगला तमाम पंचायतों के शासकीय जमीनो मुख्य मार्ग में बड़े पैमाने पर रतनजोत के पौधे खड़े हैं। रतन जोत के ये पौधे आज भी अपने लगने बर्बाद होने की दास्तां बयां कर रहे हैं। रतनजोत लगाये जाने को लेकर प्रदेश भाजपा सरकार का एक स्लोगन बहुत ही मशहूर हुआ था– डीजल नहीं अब खाड़ी से डीजल मिलेगा बाड़ी से प्रदेश की जनता आज भी नहीं भूल पाई है।

रतन जोत से डीजल बनाये जाने कि चर्चा चारों तरफ़ था। आमलोगों के दिलो में रतन जोत से डीजल बनाये जाने को लेकर कौतूहल भी था कि रतन जोत से डीजल कैसे बनेगा।लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार के गिरते ही रतनजोत योजना भी लड़खड़ा के गिर पड़ी। डीजल बनाये जाने का सरकारी फार्मूला नाकाम हो गया। रतनजोत योजना कहानी किस्से की तरह आजभी ही याद किये जाते है। कुछ और योजनाएं भी संचालित थे जिसमें “हमर जंगल हमर जमीन , जिसमें शासकीय राशि खर्च किये गये योजना असफल रही। एक ओ दौर था जब रतन जोत हमर जंगल हमर जमीन जैसे योजनाओं के नाम पर बेहिसाब शासकीय राशि खर्च हुये। जनता का पैसा जनता के हित में काम नहीं आया। रतनजोत के पौधे सड़क किनारों पर आज भी अपने बीते कल की व्यथा सुना रहे है।

वहीं छत्तीसगढ़ राज्य में एक दूसरा दौर आया कांग्रेस के भूपेश बघेल सरकार की जो वर्ष 2018 से 2023 तक गोधन न्याय योजना, नरवा गरूवा और बाड़ी गौठान का निर्माण कराया। बड़े पैमाने में वन विभाग कृषि अन्य विभागों को गौठान बनाने की जवाबदारी प्रदेश के भूपेश बघेल सरकार ने सौंपा। इस योजना में बेहिसाब शासकीय धनराशि खर्च हुये।सता परिवर्तन के साथ आज गौठान सब बेकार पड़े हुये नजर आने लगे हैं। आमजनता का मानना है पूर्व के भाजपा शासन काल की चर्चित योजना रतनजोत , तथा कांग्रेस सरकार की योजना नरवा गरूवा घुरूवा और बाडी का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाये तो आज उन योजनाओं की कोई महत्व ही नहीं रह गई। कांग्रेस सरकार के द्वारा संचालित गौठान योजना के तहत कुछ आदर्श गौठान बनाये गये थे जिसमें रीपा के तहत महिला समुह के सदस्यों को मुर्गी, बटेर पालन तथा ब्रेड बनाने तथा टाटपट्टी बुनने के कार्य में लगाया गया था।

वह भी दमतोड़ रही है। सरगुजा लखनपुर जनपद पंचायत क्षेत्र में कई ऐसे ग्राम पंचायत है। जहां आज रतनजोत तथा गौठान योजना का कोई एहमियत ही नहीं रह गया है। गौठानो में बनाया गया तालाब, हेडपंप, कम्पोस्ट खाद बनाने वर्मी टांका सब बेकार बदहाल नजर आने लगे हैं।
क्षेत्रवासियों का मानना है यदि पूर्व की सरकारे इन योजनाओं के बदले बेरोजगारो को रोजगार मुहैया कराई होती तो शासकीय राशि का दुरुपयोग नहीं हुआ होता। मौजूदा वक्त में पिछले अलग-अलग सरकार की रतनजोत गौठान योजना बेकार हो चुकी है। इन फ्लाप योजनाओं से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शासकीय राशि का बंदरबांट दुरूपयोग किस हद तक हुई होगी।

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बलौदाबाजार हिंसा पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, पीड़ितों को क्षतिपूर्ति व घायलों के इलाज कराने सरकार को दिए निर्देश

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बिलासपुर : बलौदाबाजार में गत 10-जून को आक्रोशित आंदोलनकारियों की भीड़ द्वारा एसपी व कलेक्टर कार्यालय में आगजनी लोगों से मारपीट कर तोड़ फोड़ करने के मामले को इलेक्ट्रानिक एव प्रिंट मीडिया के समाचार के आधार पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी ने संज्ञान लेते हुए पीड़ितों को क्षतिपूर्ति व राहत प्रदान किये जाने के बलौदाबाजार जिला विधिक सेवा को निर्देश जारी किये हैं।

इस घटना में अनेकों लोग गंभीर रूप से घायल हुए और सैकड़ों गांड़ियां और शासकीय कार्यालयों में रखे दस्तावेज भी जलकर राख हो गये।

भीड़ जनित हिंसा व आगजनी की घटना में जिनकी संपत्ति का नुकसान हुआ है और जिन्हें चोंट आई है, उन्हें क्षतिपूर्ति व अंतरिम क्षतिपूर्ति प्रदान करने की कार्यवाही की जाए और उक्त आगजनी में जो कीमती दस्तावेज नष्ट हो गये हैं उसे पुनः निर्मित किये जाने हेतु प्रभावित क्षेत्र में विधिक सहायता क्लीनिक संचालित किया जाए।

कोर्ट ने कहा कि आगजनी की घटना में जो सैकड़ों वाहन जल कर खाक हो गये हैं, उन वाहन मालिकों/पीड़ितों के दावों के निपटान के लिए बीमा कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्रतिशीघ्र उनके दावों का भुगतान सुनिश्चित करें और समुचित व्यवस्था बनाए।

निशुल्क इलाज के साथ क्षतिपूर्ति भी की जाये 

उन्होंने आगे निर्देश दिया है कि, उक्त भीडजनित हिंसा के कारण मनोवैज्ञानिक सदमे और अवसाद के शिकार व्यक्तियों के लिए तत्काल मनोचिकित्सक की सहायता से काउंसिलिंग की व्यवस्था कराई जाये। यह भी निर्देश दिया गया है कि, उक्त घटना में जो व्यक्ति घायल हुए हैं उनका निःशुल्क ईलाज किया जाना सुनिश्चित किया जाये या उनके इलाज में जो वास्तविक व्यय हुआ है उसका भुगतान विधि अनुसार किया जाना सुनिश्चित किया जाये।

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जिंदगी के आखिरी सफर के लिए नगर को मिला मुक्ताजली रथ

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रिपोर्टर मुन्ना पांडेय,लखनपुर सरगुजा :नगर अध्यक्ष श्रीमती सावित्री दिनेश साहू के पहल पर शासन प्रशासन के ओर से पार्थिव शरीर को मुक्ति धाम तक ले जाने नगर पंचायत लखनपुर को मुक्ताजलीं रथ वाहन मिला है।

इस वाहन में किसी भी ब्रम्हलीन व्यक्ति के पार्थिव शरीर को रखने स्ट्रेचर,शोक-संतप्त परिवार के सदस्यों को बैठने स्टील सीट की भी गुंजाइश की गई है। वाहन के बाड़ी में चारों तरफ़ पारदर्शी शीशे लगे हुये हैं। जरूरतमद लोगों को वक्त ज़रूरी में इस वाहन का लाभ मिल सकेगा। बताया गया कि इस रथ के जरिए किसी भी मौसम सर्दी ,गर्मी बरसात के दिनों में पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए मुक्ति धाम तक सहुलियत से ले जाया जा सकता है।

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जप्त शराब का किया गया नस्टीकरण 

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सरगुजा लखनपुर लखनपुर सरगुजा :पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना लखनपुर में वर्ष 2012 से लेकर 2022 तक के 176 प्रकरणों में जप्त महुआ अंग्रेजी शराब को 34(1) क आबकारी एक्ट के तहत14 जून दिन शुक्रवार को थाना प्रभारी अश्वनी सिंह प्रधान आरक्षक नरेंद्र जांगड़े,दशरथ राजवाड़े,मनीष सोनवानी, मंगल कुजूर जगजीवन बेक राकेश एवं अन्य स्टाफ के मौजूदगी में नष्टीकरण किया गया।

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