
मुंबई: महाराष्ट्र में हाल ही में हुई सांप्रदायिक घटना के बाद, मीरा भयंदर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के उतन गांव में स्थित एक अवैध दरगाह का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि मई तक इस दरगाह को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया जाएगा.
पुलिस ने भी मीरा भयंदर के कलेक्टर को पत्र लिखकर इस दरगाह को सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया था. क्योंकि यह समुद्र के किनारे स्थित है और आतंकवादी इस रास्ते से मुंबई में घुस सकते हैं और दरगाह में छुप सकते हैं.
यह दरगाह काफी पुरानी बताई जाती है, लेकिन पिछले कुछ सालों में इस दरगाह के आसपास अवैध अतिक्रमण तेजी से बढ़ गया है. दरगाह और उसके आसपास के 70,000 स्क्वायर फीट क्षेत्र को कब्जे में लिया गया है. एक महिला ने बताया कि वह कई सालों से यहां रह रही है और यह दरगाह काफी पुरानी है.
पत्थर और बालू से भरकर किया गया अतिक्रमण
दरगाह के समुद्र किनारे वाले हिस्से में मैंग्रोव्स को काटकर जमीन पर पत्थर और बालू से भरकर अतिक्रमण किया गया है. एक सरकारी बोर्ड पर लिखा है कि इस इलाके में मैंग्रोव्स को काटने या अवैध निर्माण करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 2011 में पुलिस ने मीरा भयंदर के कलेक्टर को एक गुप्त पत्र लिखा था, जिसमें दरगाह को सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था. पुलिस ने आशंका जताई थी कि आतंकवादी समुद्र के रास्ते इस इलाके में घुस सकते हैं और दरगाह में छुप सकते हैं. इसलिए दरगाह को तुरंत हटाने की सिफारिश की गई थी.
विधानसभा में भाजपा नेता ने उठाया था मुद्दा
महाराष्ट्र विधानसभा सत्र में भाजपा नेता निरंजन डावखरे ने इस मुद्दे को उठाया था और कहा कि दरगाह सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है और इसे जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए. सरकार ने मई तक दरगाह को तोड़ने का निर्णय लिया है. विधायक निरंजन डावखरे ने न्यूज18 से कहा, ‘हमने इस मुद्दे को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र में उठाया है और अवैध दरगाह को जल्द से जल्द हटाने की मांग की है. सरकार ने हमारी मांग मानी है और दरगाह को मई तक हटाने की डेडलाइन तय की है.’
दरगाह के ट्रस्टी ने क्या कहा?
वहीं दरगाह के ट्रस्टी अमजद जफर का कहना है कि दरगाह काफी पुरानी है और इसमें कुछ भी अवैध नहीं है. उन्होंने कुछ दस्तावेज भी दिखाए और दावा किया कि दरगाह पुर्तगीज समय की है. स्थानीय लोगों से बातचीत में कुछ ने कहा कि दरगाह काफी पुरानी है और कुछ लोगों ने कहा कि कोविड के बाद दरगाह का क्षेत्र तेजी से बढ़ा और आसपास के इलाके में कब्जा कर लिया गया. मैंग्रोव्स की कटाई कर वहां अवैध निर्माण किया गया.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार इस अवैध दरगाह को लेकर गंभीर नजर आ रही है. सुरक्षा खतरे और सीआरजेड उल्लंघन को देखते हुए सरकार ने मई तक दरगाह को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं. अब आगे देखना होगा कि आगे क्या-क्या होता है. क्योंकि जब दरगाह पर बुलडोजर चलेगी तो जाहिर है कुछ लोग इसका विरोध भी करेंगे.