Home छत्तीसगढ़ जिसे निरस्त किया उसके संचालक को दे दिया 66 लाख का सब्सिडी

जिसे निरस्त किया उसके संचालक को दे दिया 66 लाख का सब्सिडी

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रायगढ़  :  उद्योग विभाग में सब्सिडी को लेकर जो खेल हो रहा है, उससे सरकार को हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है। पुराने निर्माण और ज्यादा लागत दिखाकर पूंजी अनुदान और ब्याज लिया जा रहा है। ऐसे कई मामले हैं। एक मामला ऐसा है जिसमें जिला स्तरीय समिति ने निरीक्षण के बाद इकाई का निर्माण पुराना पाया। इसे निरस्त भी कर दिया गया। हद तो तब हो गई जब राज्य स्तरीय समिति ने इसे पलट कर सब्सिडी देने का आदेश कर दिया।

छोटे और मध्यम उद्योगों को पिछड़े क्षेत्रों में बढ़ावा देने के लिए सरकार अनुदान दे रही है। इसका सबसे ज्यादा फायदा वेयरहाउस, राइस मिल, ब्रिक्स प्लांट, क्रशरों ने उठाया। पुराने निर्माण को नया बताकर बैंक वैल्युअर से ज्यादा लागत लिखवाकर, सीए सर्टिफिकेट में मनमाना निवेश बताते हुए 40 प्रश तक सब्सिडी हासिल कर ली।

उद्योग विभाग रायगढ़ ने रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 77 करोड़ की सब्सिडी मंजूर की। कई फर्मों ने धोखाधड़ी करते हुए पुरानी फर्म को नया साबित कर दिया। उद्योग संचालनालय तक भ्रष्टाचार का तार जुड़े हुए हैं। ऐसा एक मामला सारंगढ़ का है। यहां पुरुषोत्तम राइस मिल बैगीनडीह को 66 लाख की सब्सिडी दी गई। राइस मिल संचालक पुष्पा अग्रवाल ने इकाई का नवनिर्माण बताकर 1.66 लाख का निवेश दिखाया। महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र में आवेदन प्रस्तुत किया। इस बीच युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने इसकी शिकायत कर दी। उद्योग विभाग ने जांच की तो पाया कि इकाई का निर्माण 2014 में ही हो चुका है। बिल्डिंग कम से कम पांच साल पुरानी है। बैंक ऑफ बड़ौदा के वैल्युअर अरविंद साहू की रिपोर्ट 14 नवंबर 2019 को जारी की गई थी जिसमें भी निर्माण पांच वर्ष पहले का बताया गया है।

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