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रायपुर,ट्रैफिक विभाग मस्त,जनता त्रस्त,राजधानी,नो एंट्री में प्रतिबंधित गाड़ियों पर मेहरबान, पंडरी ट्रैफिक थाना प्रभारी,नो-एंट्री के बावजूद विधानसभा से मोवा के रास्ते शहर में घुस रहे भारी वाहन लगा रहे जाम

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रायपुर  : राजधानी शहर के अंदर वाहनों की भीड़ को कम करने और जाम की स्थिति से निपटने बचने के लिए शहर के अंदर भारी वाहनों के लिए नो इंट्री का प्रावधान रखा गया है जिससे आवागमन सुचारु रूप से हो सके इसके बावजूद शहर को जाम से निजात नहीं मिल पा रही है।जिसकी जाँच पड़ताल की गई, जाँच में ये बात निकल कर सामने आई कि शहर में जाम की समस्या के जिम्मेदार खुद ट्रैफिक विभाग है, इसकी एक मुख्य वजह है कि नो एंट्री के बाद भी दिन में भारी वाहन शहर में घुस रहे हैं। इस वजह से शहर में आये दिन जाम लग रहा है। लोगो के जान का खतरा निरंतर बना रहता है।

भीड़ भरे हिस्सों में नो-एंट्री के बावजूद भारी वाहनों के प्रवेश होने के कारण हादसों का अंदेशा भी बना रहता है।
जिसे लेकर पंडरी ट्रैफिक थाना प्रभारी एम पी तिवारी जी से बात किया गया तो चौकाने वाली बात सामने आई उनका साफ साफ कहना है कि हम इसमे कुछ नही कह सकते हमको इसकी जानकारी नही है सबका बीट बटा हुआ है मैं इसका जिम्मेदार नही हुँ,❓इस बात से आप लोग अंदाजा लगा सकतें है जिसको राजधानी की ट्रैफिक की जिम्मेदारी दी गई है उनका ये बयान गैर जिम्मेदराना है, आखिर किसके इशारे पर नो एंट्री में प्रतिबंधित गाड़ियों का प्रवेश होता है ये एक बहुत बड़ा सवाल है❓

आप को बतादें विधानसभा से शंकर नगर मोवा सड्डू,लोधीपारा, पंडरी मे सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक भारी व माल ढुलाई वाहनों पर पूरी तरह से प्रवेश निषेध किया गया है। फिर भी भारी वाहनों के गुजरने का सिलसिला बदस्तूर दिनभर चलता रहता है।आखिर कौन है इसका जिम्मेदार इस वजह से मोवा /सड्डू /दलदल सिवनी/लोधीपारा चौक पंडरी पर भी वाहनों का काफी जाम लगाता है। विधानसभा के रास्ते शहर में भारी वाहन ट्रक बेधड़क घुस आते हैं। इनमें अधिकतर निर्माण सामग्री के डंपर भी शामिल हैं। ट्रैफिक विभाग के कुछ जिम्मेदार अफसर / कर्मचारी द्वारा गाड़ी मालिकों से मिली भगत कर इन गाड़ियों को चंद कुछ रूपये लेकर शहर मे घुसने दे दिया जाता है जिसका भुगतान आम जनता को भोगना पड़ता है राजधानी का ये आलम है तो बाकि जगहों का क्या आलम होगा आप समझ सकतें होंगे।

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स्वास्थ्य विभाग ने की संविदा पदों पर भर्ती हेतु कौशल परीक्षा के लिए पात्र सूची जारी

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महासमुंद 28 फरवरी 2024 : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग महासमुंद द्वारा 15 वें वित्त आयोग एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अंतर्गत 06 प्रकार के 18 संविदा पदों पर भर्ती हेतु कौशल परीक्षा के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि  कौशल परीक्षा हेतु तिथि, समय एवं स्थान की जानकारी का विवरण महासमुन्द जिले की वेबसाइट मेंhttps://mahasamund.gov.in/एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सूचना पटल पर देखी जा सकती है।

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स्वामी आत्मान्द स्कुल एक बार फिर सुर्खियों मे

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अम्बागढ़ चौकी : अल्पसंख्यक मोर्चा अंबागढ़ चौकी के जिला अध्यक्ष रियाजुद्दीन (राजू) कुरैशी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी बताया कि आज अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी अंबागढ़ चौकी को ज्ञापन सौंपकर स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल अंबागढ़ चौकी में 01 मार्च से होने वाले बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता रखने एवं कक्षा पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा मार्च माह में संपन्न कराने का आग्रह किया है। जिला अध्यक्ष राजू कुरैशी ने बताया कि 01मार्च से होने वाले बोर्ड परीक्षाओं को लेकर पालकों एवं बच्चों में संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है पालकों एवं बच्चों से जानकारी मिली है कि ईस वर्ष अंबागढ़ चौकी आत्मानंद स्कूल में बोर्ड की परीक्षाएं हायर विंग में न होकर प्रायमरी और मिडिल स्कूल में आयोजित की जा रही है जोकि बहुत सी शंकाओं को जन्म देता है प्रायमरी और मिडिल के बच्चों को अभी से हायर विंग में बैठाया जा रहा है जबकि हायर विंग में बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध है उसके बाद भी प्रायमरी और मिडिल स्कूल में बोर्ड परीक्षाओं को आयोजित करना शंकाओं को जन्म देता है ।

कुछ बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है जोकि निम्न लिखित है –
01, हायर विंग की सभी कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जिससे बोर्ड की परीक्षाएं हायर विंग में कराया जाना ही उचित होगा क्योंकि इससे स्कूल और शिक्षा विभाग किसी भी प्रकार की विवाद की स्थिति में सीसीटीवी कैमरे का उपयोग कर सकतीं हैं।
02, बोर्ड परीक्षाओं में स्थानीय स्कूल शिक्षकों की ड्यूटी न लगाकर दूसरे स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जावे जिससे परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहें
03, बोर्ड परीक्षाओं में हायर सेकंडरी के शिक्षकों की परीक्षा ड्यूटी लगाई जानी चाहिए न कि प्रायमरी और मिडिल स्कूल की। और जब अंबागढ़ चौकी आत्मानंद स्कूल परीक्षा केंद्र है तो सिर्फ अंबागढ़ चौकी आत्मानंद स्कूल के शिक्षकों की ही ड्यूटी क्यों लगाई जाती है जब हमारे पास वैसलियन स्कूल, संस्कार स्कूल के हायर सेकंडरी के शिक्षक भी उपलब्ध है मगर उसके बाद भी सिर्फ अंबागढ़ चौकी के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है भले वो चाहे प्रायमरी और मिडिल स्कूल के क्यों न हों?
04, प्रायमरी और मिडिल स्कूल की किसी भी कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं जोकि बोर्ड परीक्षाओं के लिए उचित नहीं है।
05, प्रायमरी और मिडिल स्कूल की परीक्षाएं सभी स्कूलों और अन्य जिलों में भी मार्च से शुरू हो रहे हैं मगर अंबागढ़ चौकी में अप्रैल में प्रायमरी और मिडिल स्कूल की परीक्षाएं भीषण गर्मी में अप्रैल में कराने की बात कही जा रही है
06, जबकि आपने स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्रचार्य की बैठक लेकर प्रायमरी और मिडिल के बच्चों की परीक्षाएं मार्च में लेने को कहा था किंतु उसके बाद भी स्थानीय प्राचार्य द्वारा आपके आदेश अवहेलना करते हुए छोटे बच्चों की परीक्षाएं भीषण गर्मी में अप्रैल को कराने को कहा जा रहा है। जो कहीं से सही नहीं है क्योंकि छोटे बच्चों को गर्मी में स्कूल बुलाया जाना कहीं से भी सही प्रतीत नहीं होता है।

जिला अध्यक्ष राजू कुरैशी ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी से आग्रह है किया गया है कि इन सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान देते हुए अंबागढ़ चौकी के प्राचार्य को आदेशित किया जावे कि बोर्ड परीक्षाओं को वहां लिया जावे जहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हो और ईस बात का विशेष ध्यान रखा जावे कि वो सीसीटीवी कैमरे चालू अवस्था में हो, क्योंकि एक तरफ सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर रोज नये बदलाव कर रही है और दूसरी तरफ अंबागढ़ चौकी में परीक्षाओं को उन कक्षाओं में आयोजित किया जा रहा है जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं है? साथ ही ईस बात का भी ध्यान रखा जावे ईसी स्कूल के शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षाओं में न लगाईं जावे दूसरे स्कूलों के शिक्षकों को बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी के लिए बुलाया जावे, साथ जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश पालन करते हुए छोटे बच्चों को गर्मी में स्कूल न बुलाकर प्रायमरी और मिडिल स्कूल की परीक्षाएं मार्च में लिया जावे, क्योंकि जब स्कूल प्रबंधन 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं मार्च में ले सकता है तो सिर्फ प्रायमरी और मिडिल के बच्चों के साथ दोहरा मापदंड क्यों? अतः आपसे पुनः निवेदन है कि समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर लगातार किये जा रहें प्रयास को सफल बनाने में अपना योगदान देवे और अंबागढ़ चौकी के प्राचार्य को तत्काल आदेशित कर उचित कार्यवाही करें। जिला अध्यक्ष राजू कुरैशी ने बताया कि ईस ज्ञापन की प्रतिलिपी बृजमोहन अग्रवाल स्कूल शिक्षा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन,विजय शर्मा प्रभारी मंत्री अंबागढ़ चौकी जिला ,जिलाधीश जिला अंबागढ़ चौकी, ब्लाक शिक्षा अधिकारी चौकी ब्लाक को भी दिया गया है जिसमें बोर्ड परीक्षाओं की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई हो सकें।

राजू कुरैशी जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा अंबागढ़ चौकी जिला

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : निर्धन परिवारों की बेटियों के विवाह का सपना हो रहा पूरा

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रायपुर, 28 फरवरी 2024 : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से निर्धन परिवारों की बेटियों के विवाह का सपना पूरा हो रहा है। योजना के तहत बालोद जिले में मंगलवार को 185 जोड़े दाम्पत्य सूत्र में बँधे। महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा टाऊन हाॅल में 16 जोडें, वार्ड क्रमांक 13 गुण्डरदेही में 55 जोड़े और डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुसुमकसा में 74 जोड़े तथा ग्राम सुरसुली के नर्मदा धाम में 42 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा वर-वधुओं को जीवनोपयोगी विभिन्न सामग्रियों सहित सुखमय जीवन की मंगलकामना के साथ 21 हजार रूपए का चेक प्रदान किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, वर-वधु के परिवारजन सहित शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं के विवाह के लिए विशेष प्रयास है। इससे विवाह के दिनों-दिन बढ़ते खर्च से अभिभावकों को राहत मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए 38 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस साल 7600 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रति जोड़ा सहायता राशि 50 हजार रूपए दी जाती है। योजना के तहत 21 हजार रूपये तक की आर्थिक सहायता सामग्री के रूप में, 21 हजार रूपये का बैंक ड्राफ्ट तथा सामूहिक विवाह आयोजन व्यवस्था पर अधिकतम 8 हजार रूपये तक व्यय किया जाता है।

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