Connect with us

खबरे छत्तीसगढ़

कटघोरा में कोरोना से जंग…किस तरह की चुनौतियों से करना पड़ रहा दो- दो हाथ…पढ़ें – कलेक्टर किरण कौशल की कलम से

Published

on

SHARE THIS

कोरबा|मुझे रोज कई कॉल आते हैं। कोई डॉक्टर चाहता है, किसी के घर दूध नहीं पहुंचा। कई ऐसे भी लोग हैं, जिनके अपने दूर देस में फंसे हैं तो कोई दूसरे शहर में अपने परिवार के पास जाने को तड़प रहा। मैं जानती हूं कि विपदा से आपदा बन चुकी मुश्किल घड़ी में लोग मजबूर हैं और मुझे कॉल कर मदद मांग रहे। उनकी पुकार सुनकर उनके दिल की पीड़ा कोई और महसूस नहीं कर सकता। पर एक सवाल मैं उन सब से करना चाहती हूं कि क्या जिंदगी की बड़ी से बड़ी मुश्किल या गहरा से गहरा दर्द जिंदगी से बढ़कर हो सकता है? नहीं न, तो आप घर संभालें, मुश्किलों को हम देख लेंगे।
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और खासकर हमारा मुल्क सामाजिक ताने-बाने में रचा-बसा है। आप और हम मिलकर ही एक परिवार व सामाजिक बंधनों से जुड़े परिवारों से समाज बनाते हैं। पर आज सारे विश्व के लिए खतरा बन चुकी कोरोना को यही संरचना बलवती बना रही है। अगर शारीरिक दूरी के नियम पर दृढ़ता से अमल करें, तो यह वायरस आपके पास भी नहीं फटक सकता। इस जानलेवा महामारी को आप तक पहुंचने से पहले जान पर खेलकर बनाए गए जांबाजों के कई सुरक्षा घेरे तोड़ने होंगे, जो अपने परिवार से दूर अपनी जान हथेली में लिए पहली पंक्ति में सीना ताने खड़े हैं। इनमें तमाम मेडिकल स्टाफ, सफाईमित्र, पुलिस-प्रशासन लगातार एक अभेद्य दीवार की तरह डटा हुआ है। अंतिम घेरा आपके घर के वे दरवाजे व दीवारें हैं, जिसके भीतर रह के ही आप हमारी पहली पंक्ति के कोरोना वॉरियर्स के त्याग व कोशिशों को सफल बना सकेंगे। आज न केवल कोरबा व छत्तीसगढ़, बल्कि समूचा विश्व इस वैश्विक महामारी के संकट से जूझ रहा और छुटकारा पाने दिन-रात कोशिशों में जुटा हुआ है। फिलहाल इससे लड़ने एक-दूसरे से अनिवार्य दूरी का नियम ही एक मात्र उपाय है, जिसका पालन सुनिश्चित करने छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन व पुलिस से लेकर हमारे समर्पित वालेंटियर सतत जुटे हुए हैं। स्मरण रखने वाली बात यह है कि सिर्फ एक संक्रमित रोगी दूसरों के संपर्क में आता रहा तो एक-एक कर 406 स्वस्थ लोगों को संक्रमित कर सकता है। ऐेसे वक्त में हम में से हर किसी को एक योद्धा की भांति सोचना होगा, योद्धा की भांति अनुशासन रखना होगा और योद्धा की भांति ही व्यवहार भी करना होगा। याद रखिये कि एक योद्धा कभी हार नहीं मानता और अपनी लड़ाई आखिर तक जारी रखता है। मौजूदा हालात जिस तरह के हैं, आप में से हर कोई एक योद्धा की भूमिका निभा रहा है। पहली पंक्ति में खड़े हमारे कोरोना वॉरियर बाहर से, तो घरों के भीतर रहकर आप भी तो आखिर अपने परिवार व पड़ोसियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने अपना योगदान दे रहे। वैसे भी किसी भी आपदा से लड़ाई केवल और केवल टीम वर्क से ही जीती जा सकती है।

*कोरोना वारियर्स की कोरबा की टीम का नेतृत्व करते हुए मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।*

मैं कोरबा के जिम्मेदार, जागरूक व अमन पसंद नागरिकों से गुजारिश करना चाहती हूं कि अपने जीवन में बस यही अनुशासन धारण करें, जिसकी शक्ति से आप और हम मिलकर कोविड-19 को जड़ से समाप्त कर सकते हैं। किसी भी परिस्थिति में आप अपने घर का यह घेरा पार न करें। मैं यह भी बताना चाहूंगी कि मेरे नंबर पर कई ऐसे कॉल आते हैं, जिनमें लोग घर से निकलने की अनुमति मांगी जाती है। कोई कहता है, सब्जी नहीं, किसी को दवा की दरकार है, कोई दूसरे शहर में रह रहे अपने परिवार के सदस्य को घर लाना चाहता है तो कई लोग दूसरे शहर में फंसे अपनों के पास जाना चाहते हैं। यह सही है कि इस तरह की मुश्किलों से जूझ रहे लोगों के मन की कसक शायद कोई दूसरा नहीं समझ सकता। पर वो यह भी जानते हैं कि जिंदगी की कोई भी जरूरत या परेशानी जिंदगी से बड़ी है? बस अब इसे समझकर मानना और जीवन में अपनाना होगा। छत्तीसगढ़ के हॉट-स्पॉट बनकर उभरे कटघोरा के अंति संवेदनशील इलाके में भी कुछ ऐसे ही हालात बन रहे थे, जिसे आपने और हमने मिलकर संभाला है। इस लक्ष्य में आपके परिवार, घर या शायद पड़ोस में रहने वाले हमशहरी ने भी कदम बढ़ाया होगा। इनमें समर्पित कोरोना वॉरियर्स की भूमिका निभा रहे जिला प्रशासन-पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी, सफाईमित्र, जनप्रतिनिधि, नगर निगम, नगर पालिका परिषद की टीम और वालेंटियर्स के रूप में सतत सेवा प्रदान कर रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, स्काउट्स एंड गाइड्स, समाजसेवी और वे सभी लोग लगातार जुटे हुए हैं। केवल हाईवे के हॉट-स्पॉट में ही प्रशासन-पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के ही 600 से अधिक लोग कठिन ड्यूटी में अपने कर्तव्य का समर्पण प्रदान कर रहे हैं। कटघोरा में इन योद्धाओं की चेन ही है, जिसने कोरोना वायरस को एक सीमित दायरे से बाहर नहीं निकलने दिया है। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लोगों में आशा की किरण जगा रहे वे सेवाभावी दवा, राशन, दूध, सब्जी और उनकी जरूरत का हर सामान निस्वार्थ भाव से उनके घर तक पहुंचा रहे, उनकी मेहनत का प्रतिफल तभी सार्थक साबित होगा, जब लोग घरों की दहलीज में महफूज रहें। कटघोरा के हालात काबू में हैं और संकट की इस घड़ी को जल्द से जल्द विराम तक पहुंचाने हम तो जुटे हुए हैं, अब आप सभी भी यही कोशिश करें। घबराएं नहीं और शांति से चैखट के भीतर ही रहें।

*मैं कांफिडेंट हूं, कि हम-सबकी ये कोशिश जल्द अंजाम तक पहुंचेगी*
हमारा जिला जल्द संकटमुक्त दिखाई देगा। यही भरोसा मैं कोरबा व कटघोरा के एक-एक घर,एक-एक परिवार और एक-एक नागरिक तक पहुंचाना चाहती हूं। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और घर पर ही रहें।
घर पर भी रखती हूं सावधानी-
जिले की कलेक्टर होने के साथ मेरी पारिवारिक जिम्मेदारियां भी हैं। बुजुर्ग माता-पिता, सासू माॅ के साथ-साथ दो छोटे बच्चों के कारण घर में भी काफी सावधानी रखनी पड़ती है। घर में अलग रास्ते से आती-जाती हूं, खुद को सभी से अलग कर केवल एक कमरे में ही अपना काम करती हूं। खाने-पीने के लिए भी मैं डिस्पोजल थालियों-ग्लासों का ही इस्तेमाल कर रही हूं। जहां तक हो सके परिवार के अन्य सदस्यों से छूकर होने वाले संपर्क को एवाईड करती हूं। कोरोना के हॉट स्पॉट कटघोरा के हालात से जूझने के बाद रोजाना घर देर से पहुंचती हूं, तब तक दोनों बच्चे सो चुके होते है। मेरी तरह प्रशासन के कई अधिकारी और कर्मचारी इस मुश्किल क्षण में जनता की सेवा में लगे है। सभी लोगों का ऐसा ही हाल है। हालांकि हम सभी कोअपनेकाम पर गर्व है।

🖋️ *लेखिका – किरण कौशल, कलेक्टर कोरबा की कलम से*

SHARE THIS

खबरे छत्तीसगढ़

रायपुर में लाखों की शराब पर चला बुलडोजर

Published

on

SHARE THIS

रायपुर :  बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने जप्त अवैध शराब को नष्ट किया। जिले के थानों- चौकी में दर्ज 1001 प्रकरणों में कुल 11587. 768 लीटर जब्त शराब की बोतलों को बुलडोजर चलाकर कुचला गया। इन मामलों में जप्त वाहनों को भी राजसात किया जा रहा है। रविवार दोपहर पुलिस कैंप लाहोद में यह कार्रवाई की गई।

जबलपुर में डेढ़ करोड़ की शराब पर चला था बुलडोजर जबलपुर में डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की शराब पर रोड रोलर चला दिया गया। बुधवार को एक लाख 47 हजार लीटर शराब को 10 ट्रकों में भरकर खमरिया थाना क्षेत्र के लोहकरी गांव के जंगल में ले जाया गया। इसके बाद गड्‌ढा खाेदकर इसे नष्ट किया गया। जिस शराब को नष्ट किया गया, वह जिले के 36 थानों से इकट्‌ठा की गई थी। इसे पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत जब्त किया था। इसे कोर्ट के निर्देश पर ही नष्ट किया गया है। जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर ग्राम लोहकरी में पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग के अफसर मौजूद रहे। टीम ने पहले जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदा। इसके बाद कच्ची शराब को गड्ढे में बहा दिया गया। वहीं, अंग्रेजी शराब को रोड रोलर से नष्ट किया गया। कार्रवाई से पहले मौके पर कलेक्टर दीपक आर्य और एसपी आदित्य प्रताप सिंह भी पहुंचे।

एएसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि शराब नष्ट करने को लेकर कलेक्टर दीपक आर्य ने कमेटी का गठन किया था। इसमें सहायक जिला आबकारी अधिकारी रविन्द्र मानिकपुरी, डिप्टी कलेक्टर और एएसपी शामिल थे। एएसपी शर्मा ने बताया कि जिले के सभी थाना प्रभारियों से कहा गया था कि कोर्ट के निर्देश पर जिन थानों में रखी शराब को नष्ट करना है, उसकी सूची कमेटी के सामने लाएं। 36 थानों के थाना प्रभारियों ने शराब को लेकर लिस्ट बनाई। सहायक आबकारी आयुक्त रविन्द्र मानिकपुरी ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर जिस शराब को नष्ट किया गया है, उसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए है। शराब को पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा समय-समय पर कार्रवाई करते हुए जब्त किया गया था। सहायक आबकारी आयुक्त ने बताया कि अगले महीने फिर शराब नष्ट करने की बड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी तैयारी की जा रही है।

SHARE THIS
Continue Reading

खबरे छत्तीसगढ़

गांव के खेत में तेंदुआ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

Published

on

SHARE THIS

कोरबा  : जिले के कटघोरा वन मंडल की ऐतमा वन परिक्षेत्र के ग्राम कोनकोना में एक तेंदुआ खेत में टहलते और आराम करते नजर आया। ग्रामीणों की नजर तेंदुआ पर पड़ी तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी। बताया जा रहा है कि तेंदुआ गर्मी के चलते हीट स्ट्रोक का शिकार हो गया था। सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने घंटो मशक्कत बाद के तेंदुआ को पकड़ा गया। जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण लगभग सुबह 9 बजे खेत में काम करने जा रहे थे। इस दौरान अचानक उनकी नजर पड़ी और वह डरे सहमे वापस गांव पहुंचे और इसकी जानकारी गांववालों को दी गई। घटना की सूचना पर कटघोरा डीएफओ निशांत कुमार ने खुद मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम रेस्क्यू शुरू किया गया, लेकिन तेंदुआ इधर से उधर टहलते हुए नजर आ रहा था।

इसकी सूचना बिलासपुर कानन पेंडारी की टीम को भी दी गई जहां वह तत्काल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरू किया। घंटो मशक्कत बाद के तेंदुए को पकड़ा गया और उसे पशु चिकित्सा के माध्यम से बेहोश किया गया। जिसके वन विभाग और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। इस संबंध में कटघोरा डीएफओ निशांत कुमार ने बताया कि बिलापसुर कानन पेंडारी आई हुई टीम में डॉक्टर को भी बुलाया गया था। तेंदुआ भीषण गर्मी के चलते हीट स्ट्रोक का शिकार हो गया है और बीमार है। इसके चलते वह आराम से चल फिर रहा था। बिलासपुर से टीम बुलाकर तेंदुए को पकड़ा गया है जहां उच्च अधिकारी को निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही कटघोरा वन परिक्षेत्र के एतमा नगर में तेंदुआ के हत्या का मामला सामने आया था जिसमें पिता-पुत्र समेत एक अन्य आरोपी को कटघोरा वन विभाग ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से लगातार वन विभाग इस इलाके में तेंदुए पर नजर रखी हुई थी। वन विभाग ने निगरानी के लिए जगह-जगह कैमरे लगाए हैं।

SHARE THIS
Continue Reading

खबरे छत्तीसगढ़

सर्वआदिवासी समाज ने पुलिस पर लगाया फर्जी मुठभड़े का आरोप

Published

on

SHARE THIS

जगदलपुर/कांकेर  :  कांकेर जिले के टेकामेटा गांव में रविवार को सर्व आदिवासी समाज का दल पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारे गए चार आदिवासियों के परिवार से मिलने पहुंचा था। इसमें प्रमुख रूप से सर्व आदिवासी समाज की ब्लॉक उपाध्यक्ष मैनी कचलाम, अजीत नुरूटी, केय कोरचा, कन्ना वड्डे, सोनसाय तिम्मा, सुरेश मेट्टामी, पेकाराम मेट्टामी, मंगेश वेड़दा, आंदेबाई कोवाची समेत बड़ी संख्या आदिवासी समाज के लोग मौजूद थे। इस बीच पांच गांवों से आए हुए ग्रामीणों से बातचीत कर मैनी कचलाम ने छत्तीसगढ़ सरकार पर आदिवासियों को फर्जी मुठभेड़ में मारने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले आदिवासी जो अपने घऱ परिवार के साथ गांव में रहते है। उन्हें माओवादी बताकर मारना गलत है, जबकि सरकार को माओवादी और आदिवासियों में फर्क करना चाहिए।

आदिवासी अपनी जरूरतों की पुर्ती के लिए जंगल जाते हैं और सुरक्षा बलों के द्वारा फर्जी मुठभेड़ में नक्सली बताकर मार दिया जाता है। वहीं, सर्व आदिवासी समाज के छोटेबेठिया सर्कल के अध्यक्ष अजीत नुरूटी ने कहा कि नक्सली के नाम पर गोली मार दिये गए चारों आदिवासियों के परिवारों को आज देखने वाला कोई नहीं है। घऱ में कमाने वाले लोगों को पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में मार दिया। जबकि ये लोग काकुर गांव में गोटा पंडुम मनाने के लिए गए हुए थे। उन्होंने सरकार से इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मारे गए बेगुनाह आदिवासियों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

SHARE THIS
Continue Reading

खबरे अब तक

WEBSITE PROPRIETOR AND EDITOR DETAILS

Editor/ Director :- Rashid Jafri
Web News Portal: Amanpath News
Website : www.amanpath.in

Company : Amanpath News
Publication Place: Dainik amanpath m.g.k.k rod jaystbh chowk Raipur Chhattisgarh 492001
Email:- amanpathasar@gmail.com
Mob: +91 7587475741

Trending