Connect with us

हेल्दी लाइफ

पार्लर में पैसे क्यों फूंकना…जब किचन की इस खास चीज से आ सकता है चेहरे पर निखार

Published

on

SHARE THIS

हर महिला चाहती है, कि वह खूबसूरत दिखे. लेकिन कभी-कभी ऐज और गलत खानपान के चलते चेहरे और शरीर में गड़बड़ी होने लगती है. स्किन को सही ट्रीटमेंट न मिलने पर फेस पर पिंपल्स होने लगते हैं, और आगे चलकर यही दाग-धब्बे बन जाते हैं. इसलिए खाने के साथ-साथ बहुत जरूरी है कि आप अपनी स्किन को पर्फेक्ट ढंग से ट्रीट करें. महिलाएं चेहरे को चांद जैसा चमकाने के लिए कई बार महंगे ब्यूटी प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं या पार्लर जाती हैं, लेकिन कुछ दिनों के बाद ये असर खत्म हो जाता है.

इसलिए पर्मानेंट निखार और सुंदरती के लिए आप घर पर ही किचन में रखी एक कमाल की चीज ट्राई कर सकती है. ये आपके लिए बेहद सस्ता होगा. हम आपको बताएंगे टमाटर से बने तीन फेस पैक के बारे में. दरअसल, टमाटर विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो चेहरे की रंगत निखारने में मददगार होता है. आइये जानें कैसे बनाना है…

1. टमाटर और शहद का फेस पैक
घर पर आप अपने किचन से एक टमाटर लें और थोड़ा शहद. इन दोनों को मिलाकर शानदार फेस पैक बनाएं. इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन डीप क्लीन होगी, साथ ही स्किन सॉफ्ट बनती है. टमाटर और शहद का मिश्रण आपके चेहरे पर कील मुंहासों और काले निशानों को जल्द ही खत्म कर देगा. दरअशल, ये चेहरे पर जमा अतिरिक्त तेल और गंदगी के कारण होता है, जिसे साफ करने में टमाटर मददगार होता है. इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. फिर चेहरे को पानी से धो लें.

2. टमाटर और नींबू
टमाटर विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. साथ ही नींबू विटामिन सी का अच्छा सोर्स माना गया है. टमाटर नींबू दोनो बेहतरीन क्लींजर माने जाते हैं. उनसे बना फेस पैक चेहरे की चमक बढ़ाने में बहुत ही मददगार है. यह स्किन को एक्सेस ऑयल को कम करने में काफी मदद करते हैं. टमाटर को पीसकर उसमें छोटा चम्मच नींबू का रस मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें. इस पेस्ट को कुछ देर के लिए चेहरे पर लगाएं. फिर पानी से चेहरा वॉश कर लें. इससे पिगमेंटेशन जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है.

3. टमाटर और चीनी
आप टमाटर को मैश करके उसका रस निकाल लें. इस रस में एक चम्मच चीनी मिला दें. फिर इस मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं और अपने चेहरे पर धीरे-धीरे रब करते हुए लगाएं. इस पैक को चेहरे पर कुछ देर के लिए लगा रहने दें और ड्राई हो जाने पर चेहरे को पानी से धो लीजिए. इससे त्वचा पर नेचुरल ग्लो आएगा.

SHARE THIS

सेहत

भारतीय महिलाओं में क्यों बढ़ रही पीसीओडी बीमारी की समस्या…

Published

on

SHARE THIS

देश में कई बीमारियों का दायरा बढ़ रहा है. कैंसर, हार्ट डिजीज और पेट की बीमारियों के मरीजों के ग्राफ में हर नए साल के साथ इजाफा हो रहा है. इन बीमारियों के बीच एक ऐसी बीमारी भी है जो भारत में बहुत तेजी से अपने पांव पसार रही है, लेकिन इसकी तरफ ध्यान कम दिया जा रहा है. यहां हम महिलाओं मे होने वाली PCOD यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी डिजीज की बात कर रहे हैं. देश में बीते एक दशक में इस बीमारी से जूझ रही महिलाओं की संख्या बढ़ रही है. 16 साल से लेकर 40 साल की उम्र तक की महिलाएं भी इसका शिकार हो रही हैं. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, भारत में हर पांच में से एक (20%) महिला पीसीओएस से पीड़ित है. ये बीमारी बांझपन का एक बड़ा कारण बन रही है. द लैंसट की 2021 में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीओडी का इलाज न होने से 15 से 20 फीसदी महिलाएं एंडोमेट्रियल कैंसर का शिकार हो सकती हैं. इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये बीमारी कितनी खतरनाक है, हालांकि भारत में अधिकतर महिलाएं इस डिजीज को लेकर जागरूक नहीं हैं. इस कारण ये बीमारी कई मामलों में गंभीर रूप ले लेती है और महिलाएं बांझपन का शिकार हो जाती है. यहां ये जानना बहुत जरूरी है कि भारत में पीसीओडी की बीमारी क्यों इतनी तेजी से बढ़ रही है? महिलाएं इससे कैसे बच सकती हैं और इसका इलाज किस तरह हो सकता है.

क्यों तेजी से बढ़ रही पीसीओडी की बीमारी

इस बारे में सफदरजंग हॉस्पिटल में ऑन्को गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सलोनी चड्ढा ने जानकारी दी है. डॉ सलोनी बताती हैं कि पीसीओडी डिजीज होने का कोई एक खास कारण नहीं है. बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल, मेंटल स्ट्रेस, खानपान की गलत आदतें, धूम्रपान और शराब का सेवन इस डिजीज के होने के बड़े रिस्क फैक्टर हैं. बीते कुछ सालों से महिलाओं का लाइफस्टाइल खराब हो रहा है. सोने और जागने का समय निर्धारित नहीं है. लगातार बिगड़ रहा लाइफस्टाइल पीसीओडी होने का कारण बन रहा है. कुछ मामलों में ये बीमारी जेनेटिक कारणों से भी हो सकती है. यानी एक से दूसरी पीढ़ी में जा सकती है, डॉ सलोनी बताती हैं कि पीसीओडी की बीमारी 16 से 18 साल की उम्र से लेकर 30 साल की उम्र के बाद भी हो सकती है. इसकी वजह से महिलाओं के शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है. पुरुष हार्मोन बढ़ जाते हैं. इससे कई तरह की समस्याएं आने लगती हैं. चेहरे पर बाल आने लगते हैं. शरीर के कई अन्य अंगों पर ज्यादा बाल उगने लगते हैं. पीरियड्स आने का पैटर्न भी खराब हो जाता है. समय पर पीरियड्स नहीं आते हैं.

क्या-क्या और दूसरी परेशानियां होती हैं

पीसीओडी की वजह से ओवरी में छोटे- छोटे सिस्ट यानी की गांठ बनने लगती हैं. इन सिस्ट की वजह से गर्भधारण करना मुश्किल होता है. यही कारण है कि पीसीओडी बांझपन का भी कारण बन जाती है. इस डिजीज के कारण महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस भी होता है. इस वजह से उनकी सेल्स इंसुलिन का ठीक से उपयोग नहीं कर पाती है. जब सेल्स इंसुलिन का ठीक से उपयोग नहीं कर पाती हैं, तो शरीर में इंसुलिन की मांग बढ़ जाती है. इसकी पूर्ति के लिए पैनक्रियाज अधिक इंसुलिन बनाता है. अतिरिक्त इंसुलिन बनने की वजह से मोटापे से संबंधित समस्या होने लगती है. मोटापा बढ़ने से स्लीप एप्निया की समस्या होने का रिस्क रहता है. इस स्थिति के कारण रात के दौरान सांस लेने में बार-बार रुकावट आती है, जिससे नींद में बाधा आती है. स्लीप एपनिया उन महिलाओं में अधिक आम है जो अधिक वजन वाली हैं, खासकर अगर उन्हें पीसीओएस भी है. जिन महिलाओं में मोटापा और पीसीओडी दोनों हैं, उनमें स्लीप एपनिया का जोखिम उन महिलाओं की तुलना में 5 से 10 गुना अधिक है, जिनको पीसीओडी नहीं है. इस बीमारी की वजह से हुआ हार्मोनल इंबैलेंस और अनचाहे बालों के बढ़ने जैसे लक्षण महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर खराब असर डालते हैं. इससे महिलाएं एंग्जाइटी और डिप्रेशन का शिकार हो जाती हैं.

पीसीओडी का इलाज क्या है

नई दिल्ली के एम्स में प्रोफेसर डॉ रीमा दादा बताती हैं कि दवाओं और सर्जरी के माध्यम से इस बीमारी को ट्रीट किया जाता है. इसके अलावा डॉक्टर आपको लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने की सलाह देते हैं. साथ ही खानपान का रूटीन भी तय करते हैं. इसके लिए डाइट में हरे फल और सब्जियों को शामिल करने के लिए कहा जाता है. खानपान में फाइबर की मात्रा को बढ़ाने की सलाह दी जाती है. वजन को मेंटेन रखने के लिए एक्सरसाइज करने के लिए कहा जाता है. इसके साथ ही रोग योग करने की सलाह भी दी जाती है. योग के जरिए पोसीओडी की बीमारी को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है. योग करने से काफी फायदा मिलता है. एम्स मे पीसओडी से पीड़ित कई महिलाओं को योग के जरिए इस बीमारी से बचाने का काम किया गया है. योग करने से मोटापा भी कंट्रोल में रहता है और मानसिक तनाव भी कम होता है. कपालभाति और सूर्य नमस्कार जैसे प्राणायाम इसमें काफी फायदेमंद साबित होते हैं.

SHARE THIS
Continue Reading

सेहत

कैल्शियम की कमी होने पर रोज 1 चम्मच खाएं ये 2 तरह के बीज, सुधर जाएगी पूरी सेहत

Published

on

SHARE THIS

आजकल शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी सबसे ज्यादा होने लगी है। मार्केट में मिलने वाले पैकेटबंद दूध से शरीर को सारे पोषक तत्व सही तरीके से नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है। कैल्शियम की कमी से हड्डियां और दांत कमजोर हो जाते हैं। जब कैल्शियम की मात्रा ज्यादा कम हो जाती है तो स्ट्रेस और डिप्रेशन भी हो सकता है। कैल्शियम की जरूरत बाल रूखे, नाखूनों और हड्डियों कमजोर होने लगती हैं। कुछ लोगों को पैरों और कमर में भी तेज दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, थकान रहने लगती है। ज्यादातर लोग कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए डेयरी प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आज हम आपको ऐसे 2 सीड्स बता रहे हैं जो शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकते हैं।

कैल्शियम से भरपूर सीड्स

खसखस (Poppy Seeds)- शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए खसखस का इस्तेमाल करें। खसखस के बीज जिन्हें पॉपी सीड्स कहते हैं ये आरयर और कैल्शियम जैसे मिनरल्स का भंडार है। इसमें कॉपर और जिंक की मात्रा भी पाई जाती है। ये सारे मिनरल हड्डियों को ताकतवर बनाने का काम करते हैं। गर्मियों में खसखस शरीर को ठंडा रखने में भी मदद करता है। फाइबर से भरपूर खसखस के बीज को आप दूध में भिगोकर भी खा सकते हैं।

चिया सीड्स (Chia Seeds)- डाइट में सीड्स शामिल करने की सलाह डॉक्टर भी देते हैं। वजन घटाने के लिए फेमस चिया सीड्स विटामिन और मिनरल्स से भरे होते हैं। अगर आप 1-2 चम्मच चिया सीड्स रोज खाते हैं तो करीब 180 मिलीग्राम कैल्शियम शरीर को मिल जाता है। चिया सीड्स में कैल्शियम के अलावा ओमेगा-3 और फाइबर भी होता है। चिया के बीजों में बोरॉना भी होता है जो शरीर में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम के सही तरीके से अब्जॉर्ब करने में सहायता करता है। आप चिया सीड्स को पानी में भिगोकर, स्मूदी, दही या दलिया में मिक्स करके खा सकते हैं।

SHARE THIS
Continue Reading

सेहत

अब चाल देखकर पता चल जाएगा, कि आप रात में कितनी देर सोए हैं, ऐसे होगी पहचान

Published

on

SHARE THIS

इंसान चेहरा देखकर बता सकते हैं कि आप रात में कैसी नींद सोए हैं। अक्सर चेहरे की ताजगी और आंखों को देखकर लोग पूछ लेते हैं कि क्या रात में ठीक से सोए नहीं हैं, लेकिन अब AI आपकी चाल-ढ़ाल को देखकर बता देगा कि आप रात में कितनी देर सोए हैं। जी हां वर्जीनिया की जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी में हुए एक रिसर्च में दावा किया गया है कि एआई आपकी चाल देखकर नींद के घंटे बता देगा। इस रिसर्च के लिए सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

AI चाल देखकर बता देगा रात में कितनी देर सोए हैं?

इस रिसर्च में 24 साल के करीब 123 लोगों को शामिल किया गया था। इन लोगों के शरीर में मोशन सेंसर लगाया गया था। सेंसर का डेटा AI लर्निंग एल्गोरिदम को भेजा गया जिसे करीब 100 अलग अलग चालों के बारे में एजुकेट किया जा चुका था।

रिसर्च में इस तरह की गई पहचान

इस अध्ययन में कहा गया है कि अगर चलते वक्त व्यक्ति के कूल्हे ज्यादा हिल रहे हैं। अगर व्यक्ति का शरीर ज्यादा झुका हुआ सा लग रहा है या फिर चलते वक्त जमीन पर उसके कदम एक समान नहीं पड़ रहे हैं तो समझ लें कि ऐसे व्यक्ति की पर्याप्त नींद नहीं हो पाई है। कम सोने वाले लोगों की चाल में सामान्य लोगों से काफी बदलाव देखे गए। ऐसे लोगों के कदम काफी थके हुए उठ रहे थे। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जोल मार्टिन के नेतृत्व में इस रिसर्च को पूरा किया गया और इसकी रिपोर्ट को जर्नल स्लीप साइंस में प्रकाशित किया गया है।

रात में कम नींद ली है कैसे पहचानें

अगर रात में भरपूर और अच्छी नींद नहीं ली है तो आपका चेहरा ये साफ बता देता है। लोग चेहरे की ताजगी देखकर आपके सोने के घंटे बता सकते हैं। जो लोग कम सोते हैं वो सुबह उठकर भी अलसाए से रहते हैं। ऐसे लोगों को खूब उबासी आती हैं। स्वभाव में चिड़चिड़ापन बना रहता है। नींद कम आने पर दिनभर आलस छाया रहता है। थकान बनी रहती है और किसी भी चीज में ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी होने लगती है।

SHARE THIS
Continue Reading

खबरे अब तक

WEBSITE PROPRIETOR AND EDITOR DETAILS

Editor/ Director :- Rashid Jafri
Web News Portal: Amanpath News
Website : www.amanpath.in

Company : Amanpath News
Publication Place: Dainik amanpath m.g.k.k rod jaystbh chowk Raipur Chhattisgarh 492001
Email:- amanpathasar@gmail.com
Mob: +91 7587475741

Trending