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प्रधानमंत्री की वीडियो कांफ्रेसिंग: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा राज्यों के अंदर आवश्यक आर्थिक गतिविधियां चलाने की अनुमति मिलनी चाहिए  

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रायपुर 11 अप्रैल 2020/ मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया है कि लाॅकडाउन की स्थिति में राज्यों के अंदर कुछ आवश्यक आर्थिक गतिविधियां चलाने की अनुमति मिलनी चाहिए। इसी प्रकार उन्होंने संकट के समय एमएसएमई सेक्टर को बचाने के लिए केन्द्र सरकार से आर्थिक पैकेज की मांग की साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अधिक से अधिक सेम्पल लिए जाने और वर्तमान में कोरोना संकट को देखते हुए अंतर्राज्यीय सड़क, वायु, रेल सुविधाओं पर प्रतिबंध जारी रखने का सुझाव दिया। श्री बघेल आज प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की ली गयी विडियो कांफ्रेंसिंग में उपरोक्त सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया कि पीपीई किट की संख्या में वृद्धि और परीक्षण की सुविधा भी बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने केन्द्रीय विश्वविद्यालय की परीक्षाएं स्थगित रखी जाए या आॅन लाइन लिए जाने का सुझाव भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा परीक्षण किट की खरीदी के लिए तय की गई गाइडलाइन में स्पष्ट निर्देश नहीं होने से संशय की स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में एमएसएमई सेक्टर द्वारा लगातार आर्थिक पैकेज की मांग की जा रही है। लाॅकडाउन की लंबी अवधि के कारण लोगों को सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले इस महत्वपूर्ण सेक्टर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। उन्होंने इन उद्योगों को बचाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा शीघ्र आर्थिक पैकेज दिए जाने की घोषणा करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य देश के सर्वप्रथम राज्यों में शामिल है, जहां 21 मार्च 2020 को लाॅकडाउन लागू किया गया। सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन होने और पूर्ण लाॅक डाउन के कारण यहां कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है। राज्य में कोरोना संक्रमण के कुल 18 व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं। इनमें अब तक 10 स्वस्थ्य हो चुके हैं। शेष 8 मरीजों की हालत सामान्य है। तबलीगी जमात के 7 सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए इन सभी को एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया है, उनकी हालत भी सामान्य है। राज्य में अब तक किसी भी व्यक्ति की कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य के 28 जिलों में केवल 5 जिलों से ही कोरोना संक्रमण के मरीज पाए गए हैं शेष 23 जिलों में संक्रमित व्यक्ति नहीं मिलेे हैं। प्रदेश में अब तक 3,473 सेम्पल लिए गए हैं। प्रतिदिन औसत 133 सेम्पल लिए जा रहे हैं। जो अत्यंत कम हैं। कम परीक्षण होने के कारण यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि वास्तव में कोविड-19 वायरस की स्थिति नियंत्रण में है अथवा नहीं। प्रतिदिन 3 से 5 हजार सेम्पल लेने की आवश्यकता है। इस संबंध में पूर्व में भी अनुरोध किया गया है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रंेसिंग में बताया कि राज्य में तबलीगी जमात के 107 सदस्यों को क्वारेंटाइन में रखा गया है। इनमें से एक सदस्य का इलाज चल रहा है, कल ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमा में हजारों लोग फंसे हैं। उन्हें अभी राज्य की सीमा के बाहर ही क्वारेंटाइन करके रखा गया है। लेकिन इन लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इनमें कई यात्री और परिवार के लोग भी हैं जो अपने घरों में जाना चाहते हैं। इस संबंध में दिशा-निर्देश की अपेक्षा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 56 लाख परिवारों में से 47 लाख गरीब परिवारों को दो माह का एक मुश्त राशन निःशुल्क दिया गया है इसके अलावा, शक्कर, नमक का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में बाजार बंद है जिससे वनोपज की खरीदी-बिक्री नही हो पा रही है। अनुसूचित क्षेत्रों में लघुवनोपज महुआ, इमली के संग्रहण और खरीदी का कार्य वन समितियों के माध्यम से चल रहा है। इस प्रकार की गतिविधियों के संचालन के लिए राज्यों को अनुमति मिलनी चाहिए। प्रदेश में ढ़ाई लाख परिवारों को प्रतिदिन भोजन कराया जा रहा है। 77 हजार लोगों को क्वारेंटाइन में रखा गया है। राज्य की सीमाओं में 10 हजार लोगों को क्वारेंटाइन में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट के दौरान मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए सड़क, वायु और रेल के माध्यम से अंतर्राज्यीय आवागमन सुविधाओं पर प्रतिबंध जारी रखने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या और उनकी स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया जाना उचित होगा कि कुछ आवश्यक आर्थिक गतिविधियों में छूट दी जाए अथवा नहीं। यह निर्णय लिए जाने का अधिकार राज्यों को दिया जाना उचित होगा। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए निश्चित रूप से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा, जिसके लिए अभी से राज्य के हालातों के अनुरूप कार्य योजना बनाने की आवश्यकता के अनुरूप कार्य योजना बनानी पड़ेगी, जिससे भयंकर आथिक संकट से अपने प्रदेश को उबारा जा सके।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृहमंत्री  ताम्रध्वज साहू, अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, सचिव स्वास्थ्य श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, खाद्य सचिव  कमलप्रीत सिंह उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ के मंत्री ने कांग्रेस पर लगाया बलौदाबाजार हिंसा को भड़काने का आरोप

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रायपुर : आज का दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ा दिन है. आज ओडिशा में भाजपा की सरकार बन रही है. मोहन माझी ने मुख्यमंत्री की शपथ ली है. दो डिप्टी सीएम ने भी शपथ ली. ओडिशा में भी छत्तीसगढ़ की तरह डबल इंजन की सरकार बनी है और वहां भी तेजी से विकास होगा. राष्ट्रीय नेताओं समेत सभी को बधाई देता हूं. ये बातें राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कही. राजस्व और खेल के रुके हुए काम को तेजी लाने को लेकर मंत्री टंकराम ने कहा, चुनाव सुनिश्चित हुए हैं. आचार संहिता हटी है. केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है. मंत्री अपने-अपने विभागों को संभाले हैं. छत्तीसगढ़ के खेल प्रतिभा को निखारने के लिए दिल्ली जाएंगे. वहां हमारे मनसुख मांडविया प्रदेश के प्रभारी थे. खेल एवं युवा कल्याण विभाग उनके पास में है. हम उनके पास जाएंगे, आशीर्वाद लेंगे।

छत्तीसगढ़ में युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने जितना ज्यादा कर सकते हैं उतना ज्यादा करेंगे. गुरु रुद्र कुमार के मानहानि वाले बयान पर टंकराम वर्मा ने कहा, उनके पास और कोई काम नहीं है. उनके कार्यक्रम की तस्वीर आई है, वे भाषण दे रहे. इसमें बहुत सारे नेता थे. सतनामी समाज का शांतिपूर्ण प्रदर्शन था. इसमें देवेंद्र यादव का क्या काम था. वह भी उसमें शामिल हुए थे. कहीं ना कहीं किसी न किसी रूप में कांग्रेस ने समर्थन दिया है और उकसाया है. बलौदाबाजार मामले में कार्रवाई को लेकर मंत्री टंकराम ने कहा, बलौदाबाजार में जो घटना घटी थी. वह दुर्भाग्यपूर्ण है. इसमें काफी सरकारी संपत्ति के साथ-साथ व्यक्तिगत संपत्ति का नुकसान हुआ है. इस मामले में कार्रवाई हो रही है. यह हमारे बलौदाबाजार के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लिए ठीक नहीं है।

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कांग्रेस नेता 14 जून को जाएंगे बलौदाबाजार

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रायपुर :  कांग्रेस नेता 14 जून को सुबह 11 बजे बलौदबाजार जाएंगे और घटना स्थल का निरीक्षण करेंगे। इन नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत सहित पूर्व मुख्य मंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सभी विधायक शामिल हैं। बलौदाबाजार की घटना को लेकर कांग्रेस ने 7 सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति इसकी रिपोर्ट पीसीसी को सौंपेगी। इस समिति में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री और धर्मगुरु रुद्र कुमार, विधायक संदीप साहू, जनक राम ध्रुव, पद्मा मनहर, शैलेष नितिन त्रिवेदी और जिलाध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर शामिल हैं। समिति का संयोजक पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया को बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार हिंसा में सरकार के आरोप के बाद पूर्व मंत्री गुरु रूद्र कुमार ने कहा कि, तीन-तीन मंत्रियों ने मुझ पर षड्यंत्र करने का आरोप लगाया है, इसलिए मैं खुद गिरफ्तारी देने आया हूं। उन्होंने कहा कि, मंत्री माफी मांगे, नहीं तो मानहानि का केस करूंगा। रुद्र गुरु बुधवार को गिरफ्तारी देने के लिए रायपुर एसएसपी दफ्तर पहुंचे थे। गुरु रुद्र कुमार ने कहा कि, इतनी बड़ी घटना सतनामी समाज नहीं कर सकता है। सतनामी समाज को बदनाम करने के लिए भाजपा की साजिश होने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि, आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन घटना समाज को तोड़ने की साजिश थी। हम खुद सच्चाई जानना चाहते हैं।

सतनामी समुदाय के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में करोड़ों की संपत्ति जलकर खाक हो गई। इस दौरान अंग्रेजों के जमाने का 120 साल का रिकॉर्ड भी जल गया। हिंसा के पीछे सरकार ने कांग्रेस की राजनीतिक साजिश बताया और आरोप लगाया था कि कांग्रेस के विधायकों, पूर्व मंत्रियों और नेताओं ने लोगों को भड़काने का काम किया। साथ ही हिंसा करने वालों से नुकसान की वसूली की बात कही थी। इनके अलावा पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया, राज्यसभा की पूर्व सासंद छाया वर्मा, विधायक संदीप साहू, भोजराम अजगले, विधायक इंद्रा साव, पूर्व विधायक भुवनेश्वर बघेल, शिक्षक मोहन बंजारे जैसे नेताओं ने ही लोगों को भड़काने का काम किया, जिसकी वजह से ये हालात बने।

गुरु रुद्र कुमार के मानहानि वाले बयान पर टंकराम वर्मा ने कहा, उनके पास और कोई काम नहीं है. उनके कार्यक्रम की तस्वीर आई है, वे भाषण दे रहे. इसमें बहुत सारे नेता थे. सतनामी समाज का शांतिपूर्ण प्रदर्शन था. इसमें देवेंद्र यादव का क्या काम था. वह भी उसमें शामिल हुए थे. कहीं ना कहीं किसी न किसी रूप में कांग्रेस ने समर्थन दिया है और उकसाया है. बलौदाबाजार मामले में कार्रवाई को लेकर मंत्री टंकराम ने कहा, बलौदाबाजार में जो घटना घटी थी. वह दुर्भाग्यपूर्ण है. इसमें काफी सरकारी संपत्ति के साथ-साथ व्यक्तिगत संपत्ति का नुकसान हुआ है. इस मामले में कार्रवाई हो रही है. यह हमारे बलौदाबाजार के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लिए ठीक नहीं है.

मंत्रियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा भाजपा सरकार इस अप्रिय घटना के लिए जवाबदेह है। सरकार सजग होती तो यह अप्रिय घटना नहीं घटती। समय रहते जैतखाम को क्षति पहुंचाने वालों पर कार्यवाही की गई होती और आहत समाज से संवाद किया गया होता तो ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होती। उन्होंने कहा, धार्मिक भावनाएं आहत होने पर आंदोलित समाज को विश्वास में लिया गया होता तो ऐसे विध्वंसक प्रतिक्रिया नहीं होती। पूरे घटनाक्रम में घोर प्रशासनिक लापरवाही स्पष्ट है। बलौदाबाजार कि घटना कि नैतिक जवाबदेही ले कर मुख्यमंत्री तत्काल इस्तीफा दें। विपक्ष पर आरोप लगाने की राजनीति भाजपा सरकार और उनके मंत्री बंद करें।

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नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मेमन ने किया तालाब सौंदर्यीकरण का जायजा, बारिश के पूर्व काम पूरा करने के दिए निर्देश

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गरियाबंद  : नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मेमन ने बुधवार को नगर के विभिन्न तालाबों में चल रहे सौंदर्यीकरण के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने क्रमश नगर के वार्ड क्रमांक चार के स्थित नया तालाब, वार्ड क्रमांक सात स्थित रावनभाटा तालाब तथा नगर के वार्ड क्रमांक 12 में स्थित प्राचीन छिंद तालाब का औचक निरीक्षण किया। मेमन ने यहां चल रहे सौंदर्यीकरण के कार्य की अघतन की जानकारी लेते हुए बारिश के पूर्व सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश पालिका प्रशासन को दिए। इस दौरान उनके साथ नगर पालिका के सभापति और पार्षदगण भी साथ मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि नगर के तीन प्रमुख तालाब में विगत एक महीने पहले सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है। जेसीबी मशीन लगाकर अब तक तीनों तालाब में भारी मात्रा में कचरा और मिट्टी निकली जा चुकी है। तालाब के किनारे पिचिंग और नाली निर्माण का कार्य भी जारी है। बुधवार को इसके निरीक्षण में नगर पालिका अध्यक्ष पहुंचे थे। मौके पर नगर पालिका अधिकारी संध्या वर्मा ने उन्हे अब तक किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगभग 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। छिंद तालाब और रावणभाटा तालाब में सफाई का कार्य पूरा होने के बाद पीचिंग का काम जारी है। नया तालाब में सफाई का काम जारी है। जिसके बाद पीचिंग होगी।

इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मेमन ने सभी कार्यों को बारिश को पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। मेमन ने कहा कि तीनों तालाब नगर के प्रमुख तालाब है। अधिकाश वार्डो के लोग इसका उपयोग करते है। इसलिए पालिका प्रशासन गंभीरता के साथ कार्य करें। ठेकेदार कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए कार्य में प्रगति लाए। सभी कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण किए जाए। इस अवसर पर सभापति आसिफ मेमन, वंश गोपाल सिन्हा, इंजी अश्वनी वर्मा, सपना मिश्रा सहित पालिका के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

वर्सन :– नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मेमन ने बताया कि तालाब में चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर पालिका प्रशासन को कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए है। बारिश के पूर्व सफाई और पिचिंग के काम पूर्ण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि गहरीकरण के लिए शासन से राशि की मांग की है। जिसके चलते गहरीकरण का कार्य लंबित है। राशि मिलते ही काम शुरू होगा।

वर्सन – नगर पालिका सीएमओ संध्या वर्मा ने बताया कि तीनों तालाब में सौंदर्यीकरण का लगभग 30% कार्य पूरा हो गया है। छिंद तालाब और रावणभाटा तालाब में सफाई के बाद पीचिंग का काम जारी है। नया तालाब में सफाई के बाद पीचिंग होगी।

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