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महिला के बिना घर-परिवार और समाज की कल्पना नहीं की जा सकती: भारती कुलदीप

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तपेश शर्मा संवाददाता सक्ती । अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज 8 मार्च को सक्ति ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत गहरीनमुड़ा के आश्रित ग्राम जामचुंवा में निवेदिता फाउन्डेशन द्वारा आक्सफाम इंडिया सहायतित परियोजना के तहत् सरवाईवल सम्मेलन का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की शुरूआतत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सक्ती भारती कुलदीप एवं राजेषश्वरी सूर्यवंशी द्वारा किया गया ।
निवेदिता फाउन्उेशन के डायरेक्टर सिप्रा देवी ने कार्यक्रम का उददेश्य बताते हुए महिलाओं को संबोधित कर कहा कि हम वैष्विक स्तर पर सन 2010 से महिला दिवस मनाते आ रहे हैं महिला का काम मृत्युपर्यंत कम नहीं होता आप सबको पता होगा आज अंतराष्टीय महिला दिवस है हम केवल 8 मार्च को ही महिला दिवस मनाते हैं जबकि हर दिन महिलाआें का दिन होना चाहिए प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ के महिला संघ द्वारा एक थीम तय किया जाता है और उस थीम और विषय पर हम महिलाओं को जागरूक करते हैं इस वर्ष हैसटैग इचफारईक्वल याने सबके लिए समानता पर पूरे विश्व में महिला दिवस मनाया जा रहा है । हम सब समान हैं और बराबर के साझेदार हैं । महिलाओं को भी पुरूषों की तरह समान अधिकार और कानूनी हक प्राप्त है। हर परिवार में महिलाओं को सम्मान और भयमुक्त जीवन जीने का अधिकार हमें पति के रूप में साथी की जरूरत है जो हर कदम पर हमारे साथ चलें । समाज में दो कानून हैं एक सामाजिक और दूसरा संवैधानिक सामाजिक कानून कहीं लिखा नहीं गया है पर हम इसे पूर्वजों से देख सुन कर मानते आ रहे हैं संवैधानिक कानून लिखा हुआ है लेकिन इसकी जानकारी हमें बहुत कम है हमें संवैधानिक कानून को अधिक मानना है और हर स्तर पर महिलाओं के साथ होने वाले घरेलू हिंसा का विरोध करना है हर महिला का डिग्निटी है महिलायें भी सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीना चाहती हैं पुरूषों को इसके लिए और अधिक संवेदनशील होना चाहिए ।

प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट भारती कुलदीप ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम तो कोर्ट में बैठकर पुलिस वाले जो फाइल हमें सौंप देते है उन फाइल पर हम काम करते हैं । बडे ही सौभाग्य की बात है इस तरह गांव में आकर आप लोगों से रूबरू होना कि हम भी कभी कभी ऐसे खुली हवा में सांस ले लेते हैं आप लोगों को लगता होगा कि जज हैं और बहुत ही शानों शौकत के साथ रहते हैं क्योंकि दूसरों की जो दुनिया होती है हमें हसीन लगती है जब हम बच्चे होते हैं तो बड़े होने का ख्वाब देखते हैं जब बीच में रहते हैं तो लगता है और बड़े होते तो अच्छा होता जबकि बुढ़े हो जाते हैं हम वापस अपने बचपने में जाना चाहते हैं, यहॉं महिला कमांडो या महिला समूह बना हुआ है जब समूह के माध्यम से आप काम कर पाते हैं आप लोगों के बीच जाते हैं और गांव के बीच मुखातिब होते हैं लोगो के समस्याओं को सुनते हैं विशेस रूप निवेदिता फाउन्डेशन को धन्यवाद देती हूॅ कि आपके बीच काम कर रहा है । बहुत ही अच्छी परियोजनायें चला रहीं हैं और आज इन्हीं के माध्यम से हम यहॉ इकट्ठे हुए हैं । नही तो मैं अगर किसी गांव में किसी को इकटठा होने के लिए बोलूं तो यह मेरे लिए बहुत मुश्किल होगा या तो थाने के माध्यम से आप लोगो को इकट्ठा कर के विधिक शिविर के माध्यम से जानकारी दी जाती है आज बहुत ही सौभाग्य की बात है कि हम लोग यहॉं पर उपस्थित होकर अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहे हैं ।

मुझे उम्मीद है कि आने वाले साल में हम और अच्छे से महिला दिवस मना पायेगें और मुझे ऐसा लगता है कि हम महिलाओं के लिए यह एक दिन ही नहीं बना है हम महिलाओं के लिए पूरे साल के तीन सौ पैंसठ दिन हैं, बिना महिला के किसी भी घर-परिवार और समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है जब भी बच्चा घर जाता है तो उसकी पहली आवाज होती है मॉं, जब बच्चा भूखा होता है तो खाना प्यास लगे तो पानी नींद आये तो लोरी इन सारी चीजों के लिए हम मॉं पर ही आश्रित होते है कहॉं जाता है जिस घर में मां नहीं होती उस घर की शांति चली जाती है । मॉ एक गुरू है जो हमें बच्चे से बड़े होने तक सिखाती है । हमारे पास भी घरेलू हिंसा के केस आते हैं उस पर कार्यवाही करते हैं कभी-कभी झूठे केस भी आते हैं हमें अपने अधिकारों को जानना और जीवन में उपयोग करना चाहिए हमें अपने बेटियों को पढ़ाना है एक शिक्षित महिला पूरे देश की खबर रखती है, शिक्षा ही एक माध्यम है जिससे एक बेटी या महिला को समाज में पहचान देता है । क्या आज भी महिलायें इतने जागरूक है, जो अपने अधिकारों पर बात कर सकते हैं यदि नहीं तो इसके लिए शिक्षा जरूरी है सरकार की कई योजनायें हैं घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए सखी वन स्टाप सेंटर बनाया गया हैं जहॉ उनकी शिकायतें सुनी जाती है और उन्हें कानूनी सलाह दी जाती है । मैं निवेदिता फाउन्डेशन से उम्मीद करती हूॅ कि वे घर-घर जाकर विधिक सेवा प्राधिकरण के बारे में लोगों को बताकर जागरूक करें ।
अधिवक्ता प्रशांत डनसेना ने महिलाओं को घारा 498 अ एवं 376 के बारे में जानकारी देकर महिलाओं को जागरूक किया । नगरदा थाना प्रभारी कुंवर सिंग उसेण्डी ने अपने उदबोधन में कहा कि महिलाओं को शिक्षित करना मतलब विकास को बढ़ावा देना है इसलिए हमें बेटियों और महिलाओं के शिक्षा पर जोर देना चाहिए ।
मंच पर ननकी नोनी सुरेश कुमार बीडीसी बरपाली, घुंईचुवा ग्राम पंचायत के सरपंच योगेश्वर पटेल, गाम गहरीनमुंड़ा के सरपंच सुमित्रा बाई कंवर, ननकी सोनी सुरेश कुमार अग्रवाल, फिरत कंवर, बिन्दू सतनामी उपस्थित थे महिला दिवस कार्यकम को सफलता पूर्वक आयोजित करने और व्यवस्था की देखभाल करने निवेदिता फाउन्डेशन के कार्यकर्ता देवेन्द्र कंवर, सुकदेव उरांव, दिलेश्वर कंवर, प्यारी कुजूर, अभव जोजो, जयंत यादव, बाबूलाल सबरिया, राजू सबरिया, सुनिता महंत, सरिता धीरही, इंर्ष्वर राठौर एवं चार्ल्स जिमी ने अथक परिश्रम किया ।

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साय कैबिनेट की बैठक 19 जून को

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रायपुर :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 19 जून बुधवार को अपराह्न 3:00 बजे महानदी भवन, मंत्रालय में आयोजित होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक राशि का नगद भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। इन जिलों में बैंकों की शाखाएं दूर-दूर हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को यह निर्देश जारी किए हैं। सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों के हाट-बाजारों में कैम्प लगाकर तेन्दूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 में पारिश्रमिक राशि का नगद भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशों के परिपालन में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश मंत्रालय से जारी कर दिए गए हैं। सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों के अलावा अन्य जिलों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को उनके खाते में पारिश्रमिक राशि का भुगतान किया जाता है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि समस्त नगद भुगतान की कार्यवाही जिला कलेक्टर के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण में सम्पन्न की जाएगी। नगद भुगतान के लिए कौन से संग्राहक पात्र होंगे, इसका निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक प्रकरण का नगद भुगतान कलेक्टर की अनुमति से होगा। प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर तथा वन मंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, जिला यूनियन द्वारा आपसी समन्वय से प्रस्तावित क्षेत्र के अंतर्गत हाट बाजार या अन्य उपयुक्त स्थान पर कैम्प का आयोजन कर संबंधित संग्राहकों को तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्ड में उचित प्रविष्टि कर नगद भुगतान करते हुये पावती प्राप्त करेंगे। नगद भुगतान के पूर्व पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा नगद भुगतान से संबंधित समस्त कार्य की संपूर्ण वीडियोग्राफी करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में उपरोक्त कैम्प के दौरान संग्राहकों को आवश्यकतानुसार आधारकार्ड जारी करने, बैंक खाता खुलवाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस हेतु सी.एस.सी. स्थानीय बैंक आदि से आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाएगा। संग्राहकों द्वारा प्राप्त बैंक खाता विवरण के अनुरूप संग्राहक सर्वेक्षण साफ्टवेयर तेन्दूपत्ता पेमेंट साफ्टवेयर में आवश्यक पंजीयन आदि जिला यूनियन तथा सी.एस.सी. के माध्यम से कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। संग्राहकों को पारिश्रमिक राशि के भुगतान की कार्यवाही 15 दिन के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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स्कूल खुलने से पहले स्कूल बसों का निरीक्षण

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बेमेतरा :  हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिले में संचालित स्कूल बसों का निरीक्षण शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले किया गया। जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के द्वारा किया गया। इस निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। बसों की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और ड्राइवरों के लाइसेंस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा वाहन के चालकों एवं परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान बसों की ब्रेक, टायर, लाइटिंग सिस्टम, और इमरजेंसी एग्जिट की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया। साथ ही, फर्स्ट ऐड किट और अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता को भी सुनिश्चित किया गया। ड्राइवरों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें उन्हें यातायात नियमों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के बारे में जानकारी दी गई। जिला परिवहन अधिकारी अरविंद भगत ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुल 95 वाहन कार्यालय में उपस्थित हुए। सभी 95 वाहनो में प्राथमिक चिकित्सा पेटी पायी गई।

91 वाहनों में अग्नि शमन यंत्र पाया गया। सभी 95 वाहनों में स्पीड गवर्नर पिट पाए गए। 92 वाहनों में फिटनेस सर्टिफिकेट वैध पाया गया एवं 3 में फिटनेस सर्टिफिकेट की वैधता समाप्त होना पाया गया। 92 वाहन मे बीमा वैध पाया गया। 75 वाहनों में प्रदूषण प्रमाण पत्र पाये गये एवं 20 वाहनों के द्वारा पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। सभी 95 वाहनों में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ पाया गया। सभी 95 वाहनों में जीपीएस लगा हुआ पाया गया। 90 वाहनों में परमिट वैध पाए गए। 3 वाहनों में परमेट की वैधता समाप्त होना पाया गया एवं 2 वाहनों में परमिट नहीं पाये गये। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 33

वाहन चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस बार निरीक्षण में कुछ बसों में मामूली खामियां पाई गई, जिन्हें तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। जो बसें मानकों पर खरी नहीं उतरीं, उन्हें सेवा से बाहर कर दिया गया है। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। निरीक्षण अभियान के सफल समापन के बाद, अब सभी स्कूल बसें नए शिक्षा सत्र के लिए तैयार हैं, और प्रशासन ने विश्वास दिलाया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। जिन वाहनों में कमी पाई गई एवं जो वाहन किसी कारणवश प्रस्तुत नहीं किए जा सके उन्हें एक हफ्ते के अंदर सुधार कर जिला परिवहन कार्यालय में प्रस्तुत करने हेतु विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया।

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आकाशीय बिजली की चपेट में आने से युवती की मौत

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कांकेर :  कांकेर जिले के नरहरपुर क्षेत्र के थानाबोड़ी गांव में सोमवार को तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ जमकर बारिश हुई। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से बाड़ी में काम कर रहे एक युवती की मौत हो गई। जबकि 4 मजदूर घायल है। जिनका नरहरपुर स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। दरअसल, जिले में सोमवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए थे। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। नरहरपुर के थानाबोड़ी के हल्बा गांव निवासी हृदयराम की बाड़ी में काम चल रहा था। इसी दौरान बारिश होने पर मजदूर पेड़ के नीचे खड़े हो गए। अचानक आकाशीय बिजली गिरने से मजदूर युवती तामेश्वरी सिन्हा की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार मजदूर घायल हो गए। जिन्हें 108 के माध्यम से नरहरपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां घायलों का इलाज जारी है। फिलहाल घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

 

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