
संवाददाता अमनपथ राजूनाथ जोगी नगरी : नवरात्रि के प्रथम दिवस पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नगरी के द्वारा अंचल के महिला बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जहां परराजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन, एवं ब्रह्माकुमारी परमेश्वरी बहन के द्वारा सभी बहनों को सम्मानित किया गया,इस मौके पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती महेश्वरी साहू, श्रीमती दमयंती साहू, श्रीमती सीता साहू, श्रीमती सुशीला गिरी, श्रीमती ऋषि साहू, श्रीमती ललिता गौर, श्रीमती यामिनी नाग, श्रीमती अनीता यादव, श्रीमती प्रेम बाई ठाकुर एवं सहायिका शशि प्रभा ठाकुर, श्रीमती निर्मला यादव, श्रीमती सियाबती ध्रुव, निरा भरेवा, श्रीमती परमेश्वरी देव, श्रीमती नीलम गौर, श्रीमती गोदावरी सेन, श्रीमती अंजनी साहू, श्रीमती खेमिन साहू, श्रीमती जानकी साहू, श्रीमती गुलेश्वरी साहू तथा संस्था के भाई-बहन उपस्थित थे।
सभी अतिथियों ने परमपिता परमात्मा की याद में दीप प्रज्वलित किया तत्पश्चात ब्रह्मकुमारी बहनों द्वाराअतिथियों का स्वागत किया गया। सर्वप्रथम राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने सभी को नवरात्र तथा नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जो कार्य किया जा रहा है वह सराहनीय व काबिले तारीफ है नव निहाल बच्चों के लिए आप आधार स्तंभ हो आपके द्वारा बच्चों में ज्ञानवर्धक बातों के साथ-साथ सुसंस्कार भी दिए जाते हैं जिससे बच्चा एक संयमित व सशक्त नागरिक के रूप में उभरता है आप बच्चों के विकास की पहली सीढ़ी हो जिससे वे निरंतर आगे बढ़ते जाते हैं और अपने लक्ष्य की प्राप्ति आसानी से करते हैं आपके द्वारा बचपन में दिए गए ज्ञान से बच्चों की सही दिशा निर्धारित होती है बच्चों के साथ-साथ घर घर जाकर उनके बालकों को भी स्वास्थ्य के संबंध में जागरूक बनाने का कार्य करते हो साथ ही पोषण, आहार, खान पान के विषय में भी उचित मार्गदर्शन देते हो। उन्होंने आगे कहा नवरात्र के आरंभ होते ही हमारे अंदर उमंग, उत्साह व खुशी के साथ-साथ शक्ति का अनुभव होता है घर की सफाई कर वातावरण को शुद्ध रखते हैं तथा जिस प्रकार नवरात्रि में दीपक में घृत डालकर दीपक जलते हैं ठीक उसी प्रकार वर्तमान समय में परमात्मा शिव हम आत्माओं में ज्ञान रुपी घृत डालकर जगा रहे हैं जैसे हमारा शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है वैसे ही आत्माओं में भी सात गुण होते हैं सुख, शांति, आनंद, प्रेम, पवित्रता व ज्ञान। आज हमारे पास भौतिक सुख सुविधा बहुत है परंतु आत्मिक सुख कहीं नहीं है वह सुख हमें केवल परमात्मा से ही मिल सकता है उन्होंने सभी से कहा जीवन के इस भाग दौड़ की जिंदगी में स्वयं के लिए एक घंटा अवश्य निकालिए जिससे हम परमात्मा से ज्ञान गुण व शक्ति की प्राप्ति कर सकें अंत में सभी बहनों को ब्रह्माकुमारी सेंटर में आने का न्योता दिया।
उसके पश्चात श्रीमती महेश्वरी साहू जी ने कार्यकर्ता के कर्तव्य को बताते हुए क्या कहा बच्चों को जन्म से लेकर बड़े होने तक के सारे महत्वपूर्ण कार्य हमारी बहनों द्वारा किया जाता है घर परिवार के साथ समाज के कार्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं श्रीमती सीता साहू जी ने कहा हमारी बहने विभिन्न योजनाओं का लाभ सभी नागरिकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं इसी तारतम्य में श्रीमती ऋषि साहू जी ने कहा बच्चों के शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास में बहनें विशेष योगदान दे रही है श्रीमती दमयंती साहू जी ने कहा जिस प्रकार हम अपने जीवन में विभिन्न कार्य करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं ठीक उसी प्रकार नैतिक दिनचर्या में कुछ समय निकालकर हम ईश्वरीय ज्ञान को अपने जीवन में धारण करना होगा जिससे हमें अलौकिक शांति व आनंद की प्राप्ति होगी हम परमात्मा से जुड़कर अपना जीवन दिव्य बना सकते हैं अंत में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को ईश्वरीय सौगात व प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया आभार प्रदर्शन भ्राता उत्तम साहू जी ने किया उक्त कार्यक्रम का कुशल संचालन दमयंती बहन द्वारा किया गया।