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इन कारणों से बढ़ने लगता है ब्लड प्रेशर, इसे कंट्रोल करने में ये उपाय हैं बेहद कारगर

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आजकल की बिगड़ती लाइफस्टाइल के साथ ब्लड प्रेशर की समस्या मुफ्त में मिलती है। ब्लड प्रेशर कोई बीमारी नहीं है यह खराब खानपान, घर और ऑफिस की टेंशन और अपने शरीर पर ध्यान न देने की वजह से काम या ज़्यादा होती है। घर, काम, दफ्तर और तमाम ज़िम्मेदारियों का टेंशन लेने से लोग हाइपरटेंशन के शिकार हो रहे हैं। दरअसल, हाइपरटेंशन एक साइलेंट किलर है जिसके लक्षण लोग आसानी से पहचान नहीं पाते हैं।

हाई बीपी के लक्षण

  1. बार-बार सिरदर्द
  2. सांस लेने में दिक्कत
  3. नसों में झनझनाहट
  4. चक्कर आना

ये हैं हाइपरटेंशन से बचने के आसान उपाय:

  1. डाइट रखें हेल्दी: हाइपरटेंशन से बचने के लिए अपनी डाइट का खूब ख्याल रखें। गलत खानपान की वजह से इन दिनों लोग लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने के पीछे भी खाना पान एक बहुत बड़ी वजह है।
  2. वजन कंट्रोल करें: अगर आपका वजन ज़्यादा है तो अपने बढ़ते वजन पर लगाम लगाएं। ज़्यादा वजन होने से ब्लड प्रेशर हाई होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
  3. नमक कम खाएं: अपने खाने में नमक का कम से कम इस्तेमाल करें। कम नमक खाने से आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहेगा। दरअसल, नमक में काफी मात्रा में सोडियम पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का काम करता है।
  4. तनाव लेने से बचें: ब्लड प्रेशर बढ़ने की एक सबसे बड़ी वजह स्ट्रेस है। आप जितना ज़्यादा स्ट्रेस लेंगे उतना ज़्यादा आपकी बीपी बढ़ सकता है। इसलिए कम से कम स्ट्रेस लें। इसे कम करने के लिए आप योग और मेडिटेशन का भी सहारा ले सकते हैं
  5. योग-मेडिटेशन करें: योग और मेडिटेशन से भी हाई ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए आप यष्टिकासन, हस्तपादांगुष्ठासन, भद्रासन और मत्स्यासन जैसे योग करना शुरू करें। ये योगासन ब्लड सर्कुलेशन को सही करता है और तनाव को कम करता है।
  6. खाना समय से खाएं: खाना समय समय पर खाएं। अगर आप खाना सही समय पर नहीं कहते हैं तो इससे भी ब्लड प्रेशर हाई होने की संभावना रहती है। साथ ही भूलकर भी फास्टिंग का करें। फास्टिंग की वजह से भी आपका ब्लड परेशा बढ़ सकता है।
  7. खूब पानी पीएं: डाइट के साथ साथ आपको अपने वॉटर इनटेक का भी पूरा ध्यान रखना है। दिन भर में कम से कम 3 लीटर पानी पियें।

नॉर्मल बीपी के लिए इन चीज़ों को करें डाइट में शामिल

आपकी बीपी नार्मल रहे इसलिए आप अपनी डाइट में खजूर, दालचीनी, किशमिश, गाजर और अदरक जैसी चीज़ों को शामिल करें। इससे आपको काफी फायदा होगा।

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शुगर में कौन सा ड्राई फ्रूट नहीं खाना चाहिए, फायदे के चक्कर में कहीं उठाना न पड़ जाए नुकसान

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शारीरिक व्यायाम कम होने और गलत खान-पान की वजह से डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक भारत में 2045 तक 13.5 करोड़ लोग डायबेटिक हो सकते हैं। भारत को डायबिटीज के रोगियों की संख्या सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। इसकी बड़ी वजह लाइफस्टाइल और कम फिजिकल एक्टिविटी बन रही है। डायबिटीज में इंसुलिन कम बनता है जिससे आंख, किडनी और हार्ट पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में डायबिटीज के मरीज को ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए डाइट का विशेष ख्याल रखना चाहिए। अगर ज्यादा शुगर वाली चीजें खाएंगे तो तुरंत ब्लड शुगर हाई हो जाएगा। अक्सर डायबिटीज के मरीज ड्राईफ्रूट्स को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि क्या खाएं और क्या नहीं। जानिए शुगर में कौन से ड्राई फ्रूट्स नहीं खाने चाहिए?

शुगर में कौन से ड्राई फ्रूट नहीं खाने चाहिए?

  1. किशमिश- शुगर के मरीज को किशमिश नहीं खानी चाहिए। किशमिश काफी मीठी होती है जिसे खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में किशमिश का सेवन मधुमेह में हानिकारक माना जाता है।
  2. अंजीर- अंजीर भले ही फाइबर से भरपूर मेवा हो, लेकिन ये काफी मीठा होता है जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है। एक कप अंजीर में करीब 29 ग्राम चीनी होती है, जो डायबिटीज के मरीज का ब्लड शुगर हाई कर सकती है।
  3. खजूर- डायबिटीज में खजूर खाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ब्लड शुगर कंट्रोल होने पर और जमकर फिजिकल एक्टिवटी करने पर आप कभी मिठास के लिए थोड़ा बहुत खजूर खा सकते हैं।

शुगर में कौन से ड्राई फ्रूट खाने चाहिए?

  1. अखरोट- डायबिटीज के मरीज को डाइट में अखरोट जरूर शामिल करने चाहिए। अखरोट में विटामिन ई होता है और कैलोरी बहुत कम होती है। अखरोट खाने से टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कम किया जा सकता है। वहीं कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल रहता है।
  2. बादाम- हेल्थ एक्सपर्ट डायबिटीज में बादाम खाने की सलाह देते हैं। मधुमेह के रोगियों के लिए बादाम सबसे अच्छा ड्राई फ्रूट है। बादाम खाने से शरीर इंसुलिन पैदा करने के लिए ट्रिगर होता है और ब्लड शुगर लेवल कम होता है।
  3. पिस्ता- शुगर के मरीज के लिए पिस्ता भी फायदेमंद होता है। पिस्ता में फाइबर, विटामिन सी, जिंक, कॉपर, पोटैशियम, आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम पाया जाता है। जिससे शरीर हेल्दी रहता है और ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहता है।
  4. काजू- डायबिटीज में काजू भी सीमित मात्रा में खा सकते हैं। हेल्थ लाइन के मुताबिक काजू खाने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। काजू हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हार्ट की बीमारियों के खतरे को भी कम करता है।

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मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें..

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20 फ़रवरी 2024:- आसान शब्दों में समझा जाए तो मेटाबॉलिज्म पेट में होने वाले पाचन क्रिया की स्पीड को दर्शाता है, जिसमें दिक्कत होने पर आपको पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती है. कुछ लोगों को भूख न लगने या देर तक भूख न लगने की समस्या होती है जिसे स्लो मेटाबॉलिज्म कहा जाता है. मेटाबॉलिज्म स्लो होने पर आपको जल्दी भूख नहीं लगती, खाना सही से नहीं पचता है और साथ ही कब्ज की समस्या के साथ साथ पाचन संबंधी अन्य समस्याएं भी हो सकती है. इसके अलावा अगर आप खराब या स्लो मेटाबॉलिज्म के शिकार है तो इसका सीधा असर आपके चेहरे पर भी देखा जा सकता है. इससे आपको डल स्किन, पीठ के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में दाने भी हो सकते हैं. अब लोग ये सोचेंगे कि डाइट तो हम अच्छी लेते हैं हेल्दी भी खाते हैं पिर भी हमारा मेटाबॉलिज्म स्लो क्यों है और इसे कैसे बढ़ाएं. मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने के लिए आप यहां बताए गए टिप्स को अपने लाइफस्टाइल में शामिल कर सकते हैं. मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने के लिए वैसे तो आपको मार्केट में कुछ टॉनिक और दवाईयां भी मिल जाएगी लेकिन यहां बताए गए घरेलू और नेचुरल उपायों के मदद से आप घर बैठे मेटाबॉलिज्म बूस्ट कर सकते हैं.

1. अदरक की चाय पिएं :- अदरक की चाय पीने से ब्लोटिंग की समस्या को दूर किया जा सकता है साथ ही मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में मदद मिलती है. अदरक की चाय से डाइजेस्टिव एंजाइम के काम को बेहतर बनाया जा सकता है. इससे खाना अच्छे से पचता है साथ ही ये वेट लॉस में बी कारगर साबित होते हैं.

2. दालचीनी की चाय:- दालचीनी एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है जो शरीर के मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाने का काम करती है. दालचीनी से आप बॉडी के एक्स्ट्रा फैट को भी कम कर सकते हैं. मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने के लिए आप दिन की शुरुआत दालचीनी की चाय के साथ करें.

3. देसी घी का इस्तेमाल:- देसी घी में फैटी एसिड पाए जाते हैं जो तेजी से खाना पचाने में मदद करते हैं. इसके अलावा रोजाना खाने के साथ घी खाने से आंतों में चिकनाहट बनी रहती है जिससे पेट में जमी गंदगी आसानी से साफ हो जाती है. इन फायदों के लिए आप रोज सुबह गर्म पानी में घी मिलाकर पी सकते हैं.

4.प्रोटीन से भरपूर चीजें खाएं:-खाने में प्रोटीन से भरपूर चीजें खाने से आप आसानी से शरीर में होने वाली कई समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं. इसके साथ ही अगर आप ब्रेकफास्ट में प्रोटीन से भरपूर चीजें खाते हैं तो ये आपके मेटाबॉलिज्म को एक किक स्टार्ट देने का काम करेगा और पाचन से जुड़ी कई समस्याओं को दूर भी रखेगा. दूध, दही, पनीर और नट्स प्रोटीन के रिच सोर्स हैं जिसे आप अपने ब्रेकफास्ट में शामिल कर सकते हैं.

5. एक्सरसाइज करें:-  हेल्दी और फिट रहने के लिए किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करना जरूरी है. इससे आप न सिर्फ फिजिकली बल्कि मेंटली भी फिट रहेंगे. अगर आप किसी तरह की कोई एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं तो बहुत जल्द आपका मेटाबॉलिज्म स्लो हो सकता है जिससे आपको कई शारीरिक समस्याएं हो सकती है. मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने के लिए आप रोज एक्सरसाइज, योग, वॉक जरूर करें.

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ज़्यादा लहसुन का सेवन है खतरनाक, हो सकते हैं इन बीमारियों के शिकार

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भारतीय खाने में लहसुन की क्या अहमियत है ये हमें बताने की ज़रूरत नहीं है। खाने में अगर लहसुन न हो तो कई लोग तो खाना खाना भी पसंद नहीं करते। अब तो आप आसानी से समझ गए होंगे कि भारतीय खाने की खुशबू लहसुन के बिना अधूरी मानी जाती है। लहसुन सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं  बढ़ाता है बल्कि सेहत के लिहाज़ से भी बेहद फायदेमंद है। लेकिन क्या आप जानते हैं शरीर को कई रोगों से बचाने वाला लहसुन का अधिक मात्रा में सेवन करना आपकी सेहत पर भी भारी पड़ सकता है। जानिए लहसुन का अधिक सेवन किन लोगों को नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही जानें कि लहसुन का अधिक सेवन करने से सेहत संबंधी क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं।

  1. लिवर को पहुंचाता है नुकसान: क्या आप जानते हैं कि लहसुन का अधिक सेवन आपके लिवर के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कच्चे लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में होते हैं। इसका ज़्यादा सेवन करने से लिवर में टॉक्सिसिटी हो सकती है।
  2. लूज मोशन की समस्या: कई लोग लहसुन का सेवन खाली पेट भी कर लेते हैं। अगर आप भी लहसुन का सेवन खाली पेट करते हैं तो सावधान हो जाइए। ऐसा इसलिए क्योंकि खाली पेट लहसुन खाने से लूज मोशन की दिक्कत हो सकती है। इसकी वजह ये है कि लहसुन में सल्फर बनाने वाले यौगिक पाए जाते हैं। जिसकी वजह से लूज मोशन की समस्या हो सकती है।
  3. पेट से जुड़ी परेशानी: लहसुन का अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट से संबंधित कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। जैसे कि पेट का फूलना, एसिडिटी। इसके अलावा अगर आप डाइजेशन की समस्या से भी ग्रस्त हैं तो भी लहसुन का अधिक सेवन करने से परहेज करें।
  4. हार्ट बर्न की परेशानी: लहसुन का सेवन करने से बहुत से लोगों को मतली,  उल्टी और  हार्ट बर्न जैसी समस्या हो सकती है। दरअसल लहसुन में कुछ यौगिक होते हैं जो एसिडिटी का कारण बन सकते हैं।
  5. खून को करता है पतला: लहसुन खून को पतला करने में कारगर है। अगर आप अधिक मात्रा में लहसुन का सेवन करेंगे तो ब्लीडिंग की आशंका बढ़ जाती है। वहीं अगर आप खून पतला करने वाली दवा का सेवन कर रहे हैं तो लहसुन का सेवन सीमित मात्रा में करें।
  6. हो सकती है एलर्जी: ज्यादा लहसुन का इस्तेमाल करने से आपको एलर्जी की दिक्कत भी हो सकती है। एलर्जी में स्किन पर रैशेज पड़ना शामिल है। इसके अलावा स्किन में जलन भी हो सकती है।

लहसुन कितनी मात्रा में लेना है सही? 

रोजाना 2-3 लहसुन की कली लेना सेहत के लिए अच्छा है। वहीं, अगर आप सप्लीमेंट ले रहे हैं तो रोजाना 600 से 1,200 मिलीग्राम तक ले सकते हैं।

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