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BSNL ने जीत लिया सबका दिल, बस एक रिचार्ज और साल भर की टेंशन खत्म

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अगर आप बीएसएनल के ग्राहक हैं तो आपके लिए गुड न्यूज है। बीएसएनल ने अपन प्रीपेड रिजार्ज प्लान के पोर्टफोलियों में कई ऐसे प्लान ऐड किए हैं जो इस समय मार्केट में छाए हुए हैं। बीएसएनएल के रिचार्ज लिस्ट में एक ऐसा प्लान है जो आपको पूरे साल की टेंशन खत्म करने वाला है। कंपनी का यह प्लान इस समय प्रीपेड यूजर्स के लिए वरदान सा साबित हो रहा है। BSNL 800 रुपये से कम में यूजर्स को पूरे साल के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा ऑफर कर रही है।

BSNL के जिस प्लान की हम बात कर रहे हैं वह 797 रुपये में आता है। अगर आप इस प्रीपेड रिचार्ज प्लान को लेते हैं तो साल भर बिना किसी टेंशन के भरपूर डेटा इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग कर सकते हैं। कंपनी के इस प्लान ने यूजर्स और लाखों ग्राहकों को दिल जीत लिया है।

BSNL के 797 रुपये वाले प्लान के बेनेफिट्स

बीएसएनल के इस प्लान की वैलिडिटी एक साल यानी 365 की है।

इस प्लान में यूजर्स को पूरे साल हर दिन 2 GB डेटा इस्तेमाल करने के लिए मिलेगा।

डेली डेटा लिमिट खत्म होने पर आपको 40kbps की इंटरनेट स्पीड मिलेगी।

BSNL अपने इस प्लान में ग्राहकों को किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग का ऑफर भी देती है।

इस प्लान में ग्राहकों को मैसेजिंग के लिए हर दिन 100 SMS मिलेंगे।

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व्यापार

सच में जीएसटी के दायरे में आएंगे पेट्रोल-डीजल,पेट्रोलियम मंत्री कह गए ये बड़ी बात..

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देश में लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार ‘मोदी 3.0’ का गठन हो चुका है. साथ ही 72 मंत्रियों के बीच मंत्रालयों का बंटवारा भी हो चुका है. हरदीप सिंह पुरी को एक बार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है और पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने एक बड़ा ऐलान भी कर दिया है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि इस बार केंद्र सरकार की कोशिश होगी कि पेट्रोल-डीजल और प्राकृतिक गैस जैसी वस्तुओं को माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के दायरे में लाया जाए. इससे आम लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी.

पहले भी हो चुकी हैं कोशिश

पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने की ये कोशिश नई नहीं है. जीएसटी व्यवस्था प्रभाव में आने और उसके बाद जीएसटी परिषद के गठन के बाद से ही इसकी कोशिशें की जा रही हैं. जीएसटी परिषद की लगभग हर बैठक में इस बात को सामने रखा गया है. लेकिन इस पर राज्यों के बीच सहमति अब तक नहीं बन पाई है. राज्य सरकार के लिए पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला वैट आय का एक बड़ा साधन है. ऐसे में राज्य सरकारें नहीं चाहती कि पेट्रोल-डीजल के जीएसटी के तहत जाने से उन्हें अपने राजस्व में नुकसान का सामना करना पड़े. राज्यों को इसके अलावा शराब पर टैक्स से भी मुख्य आय होती है. हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल नवंबर में कहा था कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से ग्राहकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. वहीं पूरे देश में लोगों को इसकी अलग-अलग कीमत नहीं देनी होगी.

20% इथेनॉल मिक्स का लक्ष्य

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की बात के साथ ही पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार ने 2030 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल के मिक्स का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब इसके अगले साल यानी 2025 तक ही पूरा होने की उम्मीद है. इसी के साथ उन्होंने कहा कि सरकार पेट्रोलियम सेक्टर की पीएसयू में हिस्सेदारी बेचने के पक्ष में नहीं है.

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ईद से पहले बड़ी बाजार में प्याज की डिमांड,बड़ी 50 फीसदी तक कीमतें..

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11 जून 2024:-  पिछले एक पखवाड़े में प्याज की कीमतें 30-50 फीसदी बढ़ गई हैं. जिसका का प्रमुख कारण सप्लाई का कम होना बताया जा रहा है. खास बात तो ये है कि ईद उल-अज़हा (बकरा ईद) से पहले प्याज की डिमांड में इजाफा हुआ है. वहीं दूसरी ओर कारोबारियों की ओर से प्याज के स्टॉक को होल्ड करना शुरू कर दिया है. व्यापारियों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार कीमतों को कंट्रोल करने के लिए अपने हस्तक्षेप को कम कर सकती है. वहीं दूसरी ओर सरकारी आंकड़ों की भी बात करें तो देश की राजधानी दिल्ली में 10 दिन में प्याज की कीमत में 12 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी देखने को मिल चुकी है.

कितना हुआ प्याज में इजाफा

नासिक की लासलगांव मंडी में सोमवार को प्याज का औसत थोक मूल्य 26 रुपए प्रति किलोग्राम था, जबकि 25 मई को यही दाम 17 रुपए प्रति किलोग्राम थे. बेहतरीन क्वालिटी वाले प्याज की कीमत, जिसकी कुल कारोबार मात्रा में हिस्सेदारी छोटी है, राज्य के कई थोक बाजारों में 30 रुपए को पार कर गई है. हालिया कीमतों में इजाफे का प्रमुख कारण मांग और सप्लाई में अंतर है. जून से बाजारों में आने वाला प्याज किसानों और व्यापारियों द्वारा रखे गए स्टॉक से आता है. किसान अपने स्टॉक को कम निकाल रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि 2023-24 की रबी फसल में संभावित गिरावट के कारण कीमतें बढ़ेंगी.

क्यों बढ़ रही है प्याज की कीमत

हालांकि 40 फीसदी निर्यात शुल्क के कारण निर्यात भी काफी कम हो रहा है. व्यापारियों का दावा है कि 17 जून को ईद उल-अज़हा के लिए प्याज की घरेलू मांग मजबूत है. महाराष्ट्र के नासिक के एक प्याज व्यापारी विकास सिंह ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि महाराष्ट्र के प्याज की मजबूत मांग है, खासकर दक्षिणी राज्यों से. बागवानी उत्पाद निर्यातक संघ के अध्यक्ष अजित शाह ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि कहा कि कीमतें बढ़ने का एक मुख्य कारण यह है कि किसान और स्टॉकिस्ट को उम्मीद है कि केंद्र सरकार निर्यात शुल्क हटा सकती है. इस धारणा के आधार पर, वे कीमतें बढ़ने की उम्मीद में प्याज रखे हुए हैं.

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़ें

मिनिस्ट्री कंज्यूमर अफेयर्स की वेबसाइट के अनुसार प्याज कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. अगर बात जून ही करें तो प्याज की औसत कीमतों में ही 1.86 रुपए प्रति किलोग्राम का इजाफा देखने को मिल चुका है. 31 मई को प्याज के औसत दाम 32.12 रुपए प्रति किलोग्राम देखने को मिले थे. जोकि 10 जून को बढ़कर 33.98 रुपए प्रति किलोग्राम हो चुके हैं. वहीं देश की राजधानी दिल्ली में प्याज की कीमत में तो और भी इजाफा देखने को मिला है. 31 मई को दिल्ली में प्याज की सरकारी कीमत 30 रुपए प्रति किलोग्राम थी. जोकि 10 जून को 42 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है. इसका मतलब है कि जून के महीने में दिल्ली में प्याज की कीमत में 12 रुपए का इजाफा हो चुका है.

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देश-विदेश

सोने-चांदी की कीमतों में भूचाल, टूट गए भाव, जानिए कितना सस्ता हुआ जेवर बनवाना

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सोने की कीमतों में आज भी गिरावट देखने को मिल रही है। मंगलवार सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोना लाल निशान पर ट्रेड करता दिखा। एमसीएक्स एक्सचेंज पर 5 अगस्त 2024 की डिलीवरी वाला सोना 0.38 फीसदी या 269 रुपये की गिरावट के साथ 71,169 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने का हाजिर भाव सोमवार को  71,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोने की वैश्विक कीमतों में भी मंगलवार सुबह गिरावट देखने को मिली है।

चांदी की कीमतों में भूचाल

चांदी की कीमतों में लगातार बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार को चांदी लाल निशान पर ट्रेड करती दिखी। एमसीएक्स एक्सचेंज पर 5 जुलाई 2024 की डिलीवरी वाली चांदी 1.57 फीसदी या 1412 रुपये की गिरावट के साथ 88,610 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखी। वहीं, 5 सितंबर 2024 की डिलीवरी वाली चांदी इस समय 1.60 फीसदी या 1474 रुपये की गिरावट के साथ 90,502 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखी।

सोने का वैश्विक भाव

कॉमेक्स पर सोने का वैश्विक भाव मंगलवार सुबह गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा। यह 0.31 फीसदी या 7.30 डॉलर की गिरावट के साथ 2,319.70 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, सोने का वैश्विक हाजिर भाव इस समय 0.36 फीसदी या 8.42 डॉलर की गिरावट के साथ 2302.46 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

चांदी के वैश्विक भाव

चांदी की वैश्विक कीमतों में मंगलवार सुबह गिरावट देखने को मिली है। कॉमेक्स पर चांदी का वैश्विक भाव 1.79 फीसदी या 0.53 डॉलर की गिरावट के साथ 29.34 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, चांदी का वैश्विक हाजिर भाव इस समय 1.87 फीसदी या 0.56 डॉलर की गिरावट के साथ 29.19 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

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