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क्या होता है जब आप अचानक छोड़ देते हैं शराब पीना..

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शरीर का सबसे बड़ा दुश्मन शराब को इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह एक साथ कई अंगों को नुकसान पहुंचाती है। इससे न केवल लिवर खराब होता है, इसका उल्टा असर दिमाग पर भी पड़ता है। एक शोध में सामने आया है कि शराब की एक घूंट महज 30 सेकंड में दिमाग तक अल्कोहल पहुंचाने के लिए काफी है। अल्कोहल दिमाग में पहुंच कर उन केमिकल्स और प्रोसेस को प्रभावित करता है, जो दिमाग से संदेश लेकर शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचाता है। इसी के कारण दिमाग पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है और इसका संतुलन गड़बड़ा जाता है। अगर किसी को शराब पीने से कोई शारीरिक परेशानी होती है तो वह शराब का सेव नबंद कर देता है। लेकिन अचानक से शराब का सेवन बंद करना क्या आपकी सेहत के लिए सही है या  नहीं इसके बारे में आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में बताने जा रहे है।

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बारिश में डेंगू ही नहीं ये बीमारियां भी तेजी से फैलती है

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चिलचिलाती गर्मी के बाद बारिश राहत और सुकून लेकर आती है। लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि यह मौसम अपने साथ कई बरसाती बीमारियां भी लाता है। दरअसल, इस मौसम में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे लोगों को वायरल, फ्लू और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियां होने लगती हैं। बीमारियों की लिस्ट यही खत्म नहीं होती अगर आपने अपना ध्यान नहीं दिया तो आप कई बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। पुणे स्थित जुपिटर हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. महेंद्र दडके बता रहे हैं कि इस बरसात में अगर आपने ध्यान नहीं दिया तो किन बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं? साथ ही बचाव के लिए आपको क्या करना चाहिए

बरसात में फैलती हैं ये बीमारियाँ:

1.डेंगू – डेंगू बुखार बेहद दर्दनाक और जानलेवा हो सकता है। डेंगू वायरस मच्छरों की वजह से फैलता है और मच्छर आते हैं गंदगी और पानी जमा होने की वजह से। इसलिए घर की साफ़ सफाई करें। कहीं पानी न जमने दें और हाइजीन का बेहतरीन ख्याल रखें।

2.मलेरिया: मानसून का मौसम और मलेरिया एक साथ चलते हैं। बारिश मच्छरों को पनपने में मदद करती है क्योंकि यह पानी को जमा रखती है। मलेरिया के प्रसार को रोकने के लिए ऐसे क्षेत्रों को साफ रखा जा सकता है।

3.हैजा: आमतौर पर दूषित पानी पीने की वजह से फैलता है। उपचार न किए जाने पर, कुछ ही घंटों में यह घातक हो सकता है। दरअसल, जब हैजा पाचन तंत्र पर हमला करता है, तो उस वजह से दस्त होने लगता है जिससे बॉडी में डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसलिए, इस मौसम में पाने को उबालकर या फ़िल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।

4.टाइफाइड – खराब भोजन और पानी से टाइफाइड बुखार की समस्या होती है। यह बीमारी साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया की वजह से होती है। इसलिए इस मौसम में साफ-सफाई के साथ साफ़ और गर्म पानी पीने की सलाह दी जाती है।

5.हेपेटाइटिस ए – हेपेटाइटिस ए संक्रमण, ज्यादातर लीवर को प्रभावित करता है और सूजन का कारण बनता है। हेपेटाइटिस ए बहुत ही संक्रामक बीमारी है और यह वायरस युक्त भोजन या पानी के माध्यम से लोगों में फैलता है। हेपेटाइटिस ए के अक्सर होने वाले लक्षणों में बुखार, उल्टी, दाने शामिल हैं। हाइजीन का ख्याल रख इस बीमारी को होने से रोका जा सकता है।

6.सर्दी और फ्लू: बरसात में तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर बैक्टीरिया और वायरल की चपेट में जल्दी आता है। दरअसल, इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जताई है इसलिए उसे मजबूत करने एक लिए अपना खानपान बेहतर करना चाहिए।

मानसून की बीमारियों से दूर रहने के लिए ये टिप्स आज़माएं:

1.फगल संक्रमण को रोकने के लिए, अपने आसपास हमेशा स्वच्छता बनाए रखें।

2.गर्म पानी पिएं। बाहर का पानी पीना अवॉयड करें।

3.रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए अपनी डाइट का बेहतरीन ख्याल रखें।

4.अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए आरामदायक और लंबी आस्तीन वाले कपड़े पहनें।

5.मार्केट से लाए फलों और सब्जियों को सबसे पहले अच्छी तरह से 2 या तीन बार पानी से धोएं। उसके बाद ही इस्तेमाल करें।

6.तेल और सोडियम का सेवन कम करें।

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सेहत

बारिश में स्किन का ख्याल रखेंगी घर की ये 3 चीजें? एक्सपर्ट से जानिए ये आसान टिप्स

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बरसात का मौसम किसे पसंद नहीं होता है. हल्की-हल्की बारिश के मौसम में वैसे में भी चाय-पकौड़े खाना बेहद अच्छा लगता है. लेकिन बरसात के मौसम में हेल्थ से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं. खासतौर पर जिन लोगों की सेंसेटिव स्किन है, उन्हें एक्ने ब्रेकआउट का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसे में अपनी स्किन का ध्यान रखना जरूरी है.हालांकि, बारिश के मौसम में सही स्किन केयर रुटीन को फॉलो करके आप त्वचा के जुड़ी दिक्कतों से बच सकते हैं. नारायणा हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विजय सिंघल कहते हैं कि मानसून में अपनी त्वचा में कुछ भी नहीं लगाना चाहिए. कुछ लोग बाजार से महंगे स्किन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, जिससे कई बार फायदा होने की बजाय नुकसान हो सकता है. आइए जानते हैं कि स्किन केयर में कौन सी चीजों को शामिल करें.

ग्रीन टी है फायदेमंद

बारिश के मौसम में सेंसेटिव स्किन के लिए ग्रीन टी काफी फायदेमंद है. इनमें एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं, जो बारिश के सीजन में स्किन को नमी और ग्लोइंग बनाने का काम करते हैं. ग्रीन टी स्किन के लिए रिफ्रेशिंग टोनर का इस्तेमाल करें. आप एक कप ग्रीन टी को तैयार करके उसे ठंडा करना है. इसके बाद कॉटन की मदद से चेहरे पर अप्लाई करें.

नीम

नीम का सुनकर मुंह कड़वा होने लगता है. लेकिन ये हेल्थ के लिहाज से काफी फायदेमंद है. अगर आपकी सेंसेटिव स्किन है तो नीम किसी अमृत से कम नहीं है. आपको नीम के फ्रेश पत्ते लेकर उन्हें पानी के डालकर अच्छे से उबाल लेना है. इसके बाद पानी को ठंडा कर लें. आप इसे फेम वॉश या सीरम में मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकती हैं. ऐसा करने से स्किन नेचुरली हेल्दी नजर आती है

एलोवेरा जेल

चूंकि बारिश के मौसम में त्वचा को एक्सट्रा केयर करने की जरूरत होती है. ह्यूमिडिटी के कारण स्किन कई तरह की परेशानियों जैसे खुजली, रेडनेस और इरिटेशन हो सकती है. ऐसे में आप स्किन को बचाने के लिए एंटी बैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं. ये स्किन से सूजन को कम कर सकती है. इसे आप सोते समय नाइट क्रीम ही तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.

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मॉनसून में बढ़ जाती है फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियां

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जो बरसात सुकून देती है वही अब आफत बन गई है। पानी का सैलाब, पेड़-घर, इंसान जो भी सामने आ रहा है, उसको तिनके की तरह बहा ले जा रहा है। बिहार की 7 नदियां उफान पर हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, असम, यूपी हर तरह पानी का तांडव लोगों को परेशान कर रहा है। जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खाने-पीने की कमी हो रही है। लोग गंदा पानी पीने और दूषित खाना खाने को मजबूर हैं। यही गंदा पानी और दूषित खाना लोगों की सेहत का दुश्मन बन रहा है, नतीजा वायरल फीवर, आई इंफेक्शन, कमज़ोर इम्यूनिटी, हेपेटाइटिस, डायरिया जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। सिर्फ यही नहीं, बरसात की वजह से मौसम में छाई नमी से सांस के मरीज़ों की आफत भी बढ़ जाती है खासकर जो लोग अस्थमा से परेशान हैं वो चाहकर भी ना तो बारिश का मजा ले सकते हैं और ना ही हरे-भरे बाग बगीचों में जा सकते हैं।

नमी से कब एलर्जी ट्रिगर कर जाए पता ही नहीं चलता और फिर सांस की नली में सूजन,सीने में जकड़न जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं लंग्स को प्रॉपर ऑक्सीजन नहीं मिलती। नतीजा सांस फूलने लगती है इसलिए जिन-जिन को फेफड़ों से जुड़ी कोई भी बीमारी है वो मॉनसून में खासतौर पर अपना ख्याल रखें। क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही से अस्पताल जाने की नौबत आ सकती है। ।खासकर तब जब स्टडी ये कहती हो कि COPD से मौत के मामले पिछले 7 साल में 9 गुना बढ़ गए हैं। तो, चलिए योगगुरु की शरण में चलते हैं और अस्थमा, COPD, फाइब्रोसिस के साथ लंग्स की तमाम बीमारियों को दूर करने के उपाय जानते हैं।

मॉनसून में बचकर

1.रेस्पिरेटरी डिसऑर्डर

2.लंग्स में इंफेक्शन

3.सांस नली में सिकुड़न

4.चेस्ट में जकड़न-भारीपन

5.सांस लेने में दिक्कत

फेफड़े बनेंगे फौलादी – क्या करें?

1.रोज प्राणायाम करें

2.दूध में हल्दी लें

3.त्रिकुटा पाउडर लें

4.रात को स्टीम लें

अस्थमा में आराम

1.सोते वक्त तलवों पर गर्म सरसों तेल लगाएं

2.नाभि में सरसों तेल डालें

3.नाक में सरसों तेल डालें

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