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लॉकडाउन में भी तेजी से बनाए जा रहे हैं राशनकार्ड ,अब तक बनाए गए 29,683 नए राशनकार्ड ,छूटे हुए 44,394 नए सदस्यों के जोड़े गए नाम

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रायपुर, 15 अप्रैल 2020/ कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों की सुरक्षा के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश  बघेल के निर्देश पर प्रदेश के सभी गरीब परिवारों को दो माह का एकमुश्त निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को जिलों में सभी लोगों को खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराने को कहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप खाद्य विभाग द्वारा लॉकडाउन के दौरान राज्य के ऐसे पात्र हितग्राही जिनके राशनकार्ड नहीं बन पाए थे, उनके नये राशनकार्ड बनाये जा रहे है साथ ही परिवार के छूटे हुए सदस्यों का नाम भी राशनकार्डों में जोड़ने का काम तेजी से किया जा रहा है। खाद्य विभाग द्वारा लॉकडाउन प्रारंभ होने के बाद से अब तक प्रदेश में कुल 29,683 नए राशनकार्ड बनाए जा चुके हैं और पूर्व से बने राशनकार्डों में छूटे हुए लगभग 44,394 नए सदस्यों के नाम जोड़े जा चुके हैं। नए राशन कार्ड बनने और नाम जुड़ने से लोगों को इस विपदा की घड़ी में काफी राहत मिली।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित, निःशक्तजन व अन्नपूर्णा श्रेणी के राशनकार्डधारियों को अप्रैल व मई 2020 माह का एकमुश्त चावल निःशुल्क वितरित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सामान्य श्रेणी के राशनकार्डधारियों को भी 10 रूपए प्रति किलो रियायती दर पर चावल वितरित किया जा रहा है। राज्य के नागरिकों के साथ-साथ लॉकडाउन के कारण राज्य में फंसे अन्य प्रदेशों के श्रमिकों-गरीबों के लिए भी खाद्यान्न के समुचित प्रबंध संवेदनशीलता व तत्परता के साथ राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान राज्य में खाद्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से अब तक 8.82 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है और लगभग 8.75 लाख लोगों को निःशुल्क राशन प्रदाय किया गया है। खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि राशनकार्ड बनाने की प्रक्रिया सतत चलने वाली प्रक्रिया है। अतः राशनकार्ड बनाने के लिए छूटे हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त होने पर तत्काल नियमानुसार राशनकार्ड बनाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
लाॅकडाउन के दौरान लोगों को राहत देने के लिए रायपुर जिले में 3086 नए राशन कार्ड बनाए गए, इनमें से 2582 बीपीएल और 504 एपीएल कार्ड है। रायपुर जिले में राशन कार्ड में एपीएल और बीपीएल श्रेणी के 4983 सदस्यों के नाम जोड़े गए। दुर्ग जिले में सर्वाधिक 7418 राशन कार्ड बनाए गए इनमें 987 बीपीएल और 6431 एपीएल राशन कार्ड है, दुर्ग जिले में 9963 लोगों के नाम राशन कार्ड में जोड़े गए, इसी प्रकार बलौदाबाजार जिले में 3783 नए राशन कार्ड बनाए गए और 802 सदस्यों के नाम जोड़े गए, राजनांदगांव जिले में 3367 नए राशन कार्ड बनाए गए और 4309 लोगों के नाम जोड़े गए, सरगुजा जिले में 2447 नए राशन कार्ड बनाए गए 1892 लोगों के नाम जोड़े गए, रायगढ़ जिले में 1158 नए राशन कार्ड बनाए गए तथा 2614 नाम जोड़े गए, कोरबा जिले में 1100 नए राशन कार्ड बनाए गए और 626 नाम जोड़े गए, दन्तेवाड़ा जिले में 1633 नए राशन कार्ड बनाए गए 695 नाम जोड़े गए, बस्तर जिले में 841 नए राशन कार्ड बनाए गए और 1544 नाम जोड़े गए, बीजापुर जिले में 598 नए राशन कार्ड बनाए गए और 435 नाम जोड़े गए हैं।
कांकेर जिले में 195 नए राशन कार्ड बनाए गए और 649 नए नाम जोड़े गए, कोण्डागांव जिले में 150 नए राशन कार्ड बनाए गए और 1894 नाम जोड़े गए, नारायणपुर जिले में 88 नए राशन कार्ड बनाए गए और 203 नए नाम जोड़े गए। इसी प्रकार सुकमा जिले में 292 नए राशन कार्ड बनाए गए और 595 नाम जोड़े गए, बिलासपुर जिले में 28 नए राशन कार्ड बनाए गए और 1510 नाम जोड़े गए, जांजगीर-चांपा जिले में 246 नए राशन कार्ड बनाए गए और 3056 नाम जोड़े गए, मुंगेली जिले में 44 नए राशन कार्ड बनाए गए और 289 नाम जोड़े गए, बालोद जिले में 209 नए राशन कार्ड बनाए गए और 247 नाम जोड़े गए, बेमेतरा जिले में 122 नए राशन कार्ड बनाए गए और 946 नाम जोड़े गए, कवर्धा जिले में 152 नए राशन कार्ड बनाए गए और 208 सदस्यों के नाम जोड़े गए, धमतरी जिले में 414 नए राशन कार्ड बनाए गए और 1842 नाम जोड़े गए, गरियाबंद जिले में 405 नए राशन कार्ड बनाए गए और 584 नाम जोड़े गए, महासमुंद जिले में 491 नए राशन कार्ड बनाए गए है और 1455 नाम जोडे़ गए, बलरामपुर जिले में 130 नए राशन कार्ड बनाए गए और 68 नाम जोड़े गए, जशपुर जिले में 64 नए राशन कार्ड बनाए गए और 1268 नाम जोड़े गए, कोरिया जिले में 479 नए राशन कार्ड बनाए गए और 949 नाम जोड़े गए, सूरजपुर जिले में 744 नए राशन कार्ड बनाए गए और 768 सदस्यों के नाम जोड़े गए।

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राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का ट्रांसफर, देखें लिस्ट

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रायपुर :  राज्य शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी।

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महादेव सट्टा एप मामलें में ED जल्द करेगी और कई बड़े खुलासे

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रायपुर :  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन मामले में हालिया छापेमारी के दौरान दुबई स्थित हवाला कारोबारी की 580 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिभूतियां जब्त कर लीं और 3.64 करोड़ रुपए मूल्य की नकदी एवं कीमती सामान अपने कब्जे में ले लिया। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मामले में 28 फरवरी को कोलकाता, गुरुग्राम, दिल्ली, इंदौर, मुंबई और रायपुर स्थित विभिन्न परिसरों में छापे मारे गए थे। ईडी ने पूर्व में दावा किया था कि महादेव ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप के मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न उच्च पदस्थ नेताओं और नौकरशाहों की कथित संलिप्तता के संकेत मिले हैं।
सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने इस मामले में एक ‘हवाला कारोबारी’ हरि शंकर टिबरेवाल की पहचान की है जो कोलकाता का रहने वाला है लेकिन फिलहाल दुबई में रह रहा है। उन्होंने बताया कि ईडी ने टिबरेवाल और उसके सहयोगियों के परिसरों में छापे मारे हैं। ईडी का आरोप है कि टिबरेवाल ने महादेव ऐप के प्रवर्तकों के साथ साझेदारी की और वह एक कथित अवैध सट्टेबाजी ऐप ‘स्काईएक्सचेंज’ का मालिक और संचालक भी है। ईडी का आरोप है, ‘‘वह (टिबरेवाल), दुबई स्थित अपनी कंपनियों के जरिये, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के माध्यम से भारतीय शेयर बाजार में सट्टेबाजी में निवेश कर रहा था। उसने अपने कई सहयोगियों को कई कंपनियों में निदेशक भी नियुक्त कर रखा था, जो शेयर बाजार में सट्टेबाजी में सहायता कर रहे थे।’’
एजेंसी ने बताया कि टिबरेवाल सट्टेबाजी की रकम को बड़े पैमाने पर हवाला के जरिये दूसरी जगह भेजने में भी लिप्त था। ईडी ने कहा कि इसलिए, टिबरेवाल के ‘‘लाभकारी स्वामित्व वाली’’ 580.78 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियों को निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान एजेंसी ने 1.86 करोड़ रुपये की नकदी और 1.78 करोड़ रुपये की कीमती वस्तुएं बरामद कीं। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिफ्तार किया है।
संघीय एजेंसी ने पहले कहा था कि ऐप द्वारा अर्जित कथित अवैध धन का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ में नेताओं और नौकरशाहों को रिश्वत देने के लिए किया गया था। ऐप के मुख्य प्रवर्तक और संचालक छत्तीसगढ़ के ही हैं। ईडी ने मामले में अब तक दो आरोप पत्र दाखिल किए हैं, जिनमें कथित अवैध सट्टेबाजी और गेमिंग ऐप के दो मुख्य प्रवर्तकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ आरोप पत्र भी शामिल हैं। एजेंसी पहले भी, मामले में कई बार छापे मार चुकी है। एजेंसी ने कहा, ‘‘महादेव ऑनलाइन बुक की गतिविधियां दुबई से संचालित की जाती हैं और यह अपने ज्ञात सहयोगियों के जरिये 70–30 प्रतिशत लाभ के अनुपात पर काम करती है।’’ ईडी के अनुसार, इस मामले में अपराध से लगभग 6,000 करोड़ रुपये अर्जित किये गए।

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उभरती हुई संभावनाओं का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर स्वरोजगार की तरफ बढ़ें युवा : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

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रायपुर, 01 मार्च 2024 : छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में नाबार्ड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय एफपीओ मेला का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस दौरान धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंदेल तथा नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ज्ञानेन्द्र मणि भी उपस्थित थे। इस मेले के जरिए प्रदेश भर के किसान अपने उत्पादों के विक्रय तथा विपणन से संबंधित जानकारी हासिल कर सकेंगे और नई तकनीक की जानकारी हासिल कर अपने उत्पादों में वैल्यू एडिशन कर तथा नए एफपीओ बनाकर अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

एफपीओ अर्थात किसान उत्पादक संगठन छोटी जोत आधारित कृषि को एक व्यवहारिक कृषि-व्यवसाय में बदलने और विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों की शुद्ध आय बढ़ाने के लिए एक प्रभावी तंत्र के रूप में उभर रहा है। छत्तीसगढ़ में खाद्य उत्पादन के क्षेत्र में  57 एफपीओ खाद्यान्न, फलों, सब्जियों और मसालों के उत्पादन जैसे विभिन्न गतिविधियों में लगे हुए हैं। इन एफपीओ की संख्या और बढ़ायी जा सके तथा इनके जरिए राज्य भर के किसान कृषि को फायदेमंद व्यवसाय बना सकें, इसलिए नाबार्ड द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय एफपीओ मेला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें राज्य भर के 46 एफपीओ अपने उत्पादों के साथ हिस्सा ले रहे हैं।

एफपीओ मेला को संबोधित करते हुए श्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राज्य बनाने की बात कही है। यह तभी संभव है जब छत्तीसगढ़ भी विकासशील से विकसित बने। इसके लिए मुख्ययमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने बजट में अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन /2047 की बात कही है जिसे 1 नवंबर 2024 को लांच किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर एवं सरगुजा जैसे क्षेत्रों मे विकास की काफी संभावनाएं हैं और इसके लिए बजट में डीडीपी अर्थात डीसेंट्रलाइज्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें तकनीक को बढ़ावा देना होगा और इसीलिए इस बजट में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 266 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

श्री ओपी चौधरी ने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से एफपीओ का काम बहुत अच्छा चल रहा है और इसके भीतर की असीम संभावनाओं को देखते हुए इसमें मछली पालन को भी शामिल करने की आवश्यकता है। श्री ओपी चौधरी ने कहा कि कृषि आज की आवश्यकता और आजीविका वर्धन का बहुत सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि वह खुद भी एक किसान के रूप में केला, नारियल, कटहल,चीकू और सफेद चंदन की खेती कर रहे है और इसे व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा कृषि की पढ़ाई कर रहे हैं। इन युवाओं को आने वाले समय मे उभरती हुई संभावनाओं का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए ताकि कृषि को तकनीक से जोड़कर राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी प्रदान किया जा सके। युवाओं को अपने आत्मविश्वास, ज्ञान और समय के निवेश से स्वरोजगार की ओर बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।
श्री ओपी चौधरी ने कहा कि वैज्ञानिक खेती की नई किस्मों की लगातार खोज कर रहे हैं इसके साथ ही शिक्षाविद् भी वर्षों से युवाओं को खेती किसानी के बारे में पढ़ा रहे हैं,ऐसे में इन शिक्षाविदों को भी अपने ज्ञान को खेतों और किसानों तक पहुंचाना चाहिए ताकि कृषि को व्यवसायिक रूप देने में आसानी हो सके और किसानों को भी ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में 10 हजार एफपीओ के गठन और संवर्धन पर केंद्रीय क्षेत्र योजना (सीएसएस) की घोषणा की है। नाबार्ड इसके कार्यान्वयन एजेंसियों में से एक है। एफपीओ के उत्पाद कम समय में दूर तक पहुंच सके, शहरी खरीददारों को कृषक समुदाय के करीब लाया जा  सके इसके लिए इन्हें आनलाइन विक्रय एजेंसियों से भी जोड़ा गया है।

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