
संवाददाता अमनपथ राजूनाथ जोगी,नगरी : प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ के बैनर तले नगरी ब्लाक के पंचायत सचिवों ने शासकीयकरण को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है, पंचायत सचिवों के हड़ताल से 102 पंचायतों के कामकाज ठप्प हो गया है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।पंचायत सचिवों ने बड़ी संख्या में रावण भांठा के पास हड़ताल में बैठे हैं और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्षों से पंचायत सचिव संविदा आधार पर कार्य कर रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। पंचायत सचिव संघ लंबे समय से अपनी शासकीयकरण की मांग को लेकर संघर्षरत है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि भाजपा जब विपक्ष में था तब हमारी मांगों का समर्थन किया और वादा किया था कि सत्ता में आने पर सचिव संघ की मांग को त्वरित पूरा किया जाएगा लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल को एक वर्ष से अधिक हो गया है इसके बावजूद हमारे मांगों पर विचार नहीं किया गया है,पंचायत सचिव गांवों में शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बावजूद इसके, उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है, जिससे उनके भविष्य को लेकर असुरक्षा बनी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने शासन से मांग की है कि जल्द से जल्द उनकी मांगों पर विचार कर पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए, अन्यथा इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा,संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।इस दौरान क्षेत्र में पंचायत से जुड़ी तमाम सेवाएं बाधित हो सकती हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी बढ़ने की आशंका है।