
विनायक चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है. यह हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है. हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है. इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी प्रकार की बाधाएँ दूर होती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है. खासकर, यह तिथि उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है जो विद्या, बुद्धि और सफलता की कामना करते हैं. यह दिन व्यापार, करियर और नए कार्यों के शुभारंभ के लिए भी उत्तम माना जाता है.
विनायक चतुर्थी व्रत कब है:- वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 1 अप्रैल को सुबह 5 बजकर42 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, इस चतुर्थी तिथि का समापन 2 अप्रैल को देर रात 2 बजकर 32 मिनट पर होगा. ऐसे में चैत्र विनायक चतुर्थी का व्रत 1 अप्रैल को रखा जाएगा.
विनायक चतुर्थी के दिन शुभ मुहूर्त में करें पूजा
1. पंचांग के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 39 मिनट से शुरू होगा. ये 5 बजकर 25 मिनट तक रहेगा.
2. विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 10 मिनट से शुरू होगी. ये 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा.
3. गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 38 मिनट से शुरू होगा. ये शाम 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा.
4. निशिता मुहूर्त रात 12 बजकर 1 मिनट से शुरू होगा. ये 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.
विनायक चतुर्थी की पूजा विधि
विनायक चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. पूजा स्थल को साफ करें और एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र को चौकी पर स्थापित करें.पूजा सामग्री तैयार करें, जिसमें फूल, फल, धूप, दीप, (मोदक या लड्डू और दूर्वा शामिल हैं.सबसे पहले, भगवान गणेश की मूर्ति को जल से स्नान कराएं. इसके बाद, उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं. फिर शुद्ध जल से स्नान कराएं.भगवान गणेश को चंदन, रोली, कुमकुम और फूलों से श्रृंगार करें.उन्हें जनेऊ धारण कराएं.भगवान गणेश को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं. फल और अन्य मिठाइयां भी अर्पित करें.भगवान गणेश की आरती करें और उन्हें धूप और दीप दिखाएं. सबसे आखिर में अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान गणेश से प्रार्थना करें.
विनायक चतुर्थी का महत्व
इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं. विनायक चतुर्थी का व्रत रखने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. गणेश जी अपने भक्तों को बुद्धि और ज्ञान का आशीर्वाद देते हैं. विनायक चतुर्थी का व्रत और पूजा भगवान गणेश के आशीर्वाद को प्राप्त करने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. विनायक चतुर्थी का व्रत रखने से भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है.