
21 फ़रवरी 2025:- हिंदू धर्म शास्त्रों में खरमास का विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू धर्म में खरमास की अवधि अशुभ मानी गई है. खरमास की अवधि एक महीने की होती है. हिंदू पंचाग के अनुसार, खरमास की अवधि तब शुरू होती है जब भगवान सूर्य का देवगुरू बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश होता है. खरमास की अवधि के दौरान हिंदू धर्म में विवाह समेत किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं.
ज्योतिषियों के अनुसार…
ज्योतिषियों के अनुसार, जब भगवान सूर्य धनु या मीन राशि में गोचर करते हैं, तो उनकी गति और तेज कम हो जाता है. साथ ही गुरु का प्रभाव भी शून्य हो जाता है. विवाह या कोई भी शुभ काम करने के लिए भगवान सूर्य की गति और तेज के साथ ही गुरू का प्रभाव आवश्यक होता है. भगवान सूर्य का गति और तेज कम होने के साथ-साथ गुरु के प्रभाव में नहीं रहने के कारण खरमास में विवाह समेत तमाम शुभ काम रोक दिए जाते हैं.
खरमास 2025 तिथि
वैदिक पंचांग के अनुसार, सूर्य देव का 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश होगा. सूर्य देव के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास का शुरू हो जाएगा. खरमास लगते ही विवाह समेत सभी तरह के शुभ कार्य बंद हो जाएंगे. 14 अप्रैल को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. उनके मेष राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा.
मार्च में कितने विवाह मुहूर्त
हालांकि भगवान सूर्य के 14 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करने से पहले इस महीने में विवाह के कई शुभ मुहूर्त हैं. मार्च माह विवाह के लिए बहुत पसंद किया जाता है. क्योंकि इस माह में न ज्यादा गर्मी होती और न ही ज्यादा सर्दी. ऐसे में आइए जानते हैं कि मार्च के महाने में विवाह के कितने शुभ मुहूर्त हैं और कौनसी तारीखों पर हैं.
मार्च 2025 विवाह मुहूर्त
1 मार्च- इस महीने की पहली तारीख को विवाह का शुभ मुहूर्त है. इस दिन शनिवार है. 2 मार्च- इस महीने की दूसरी तारीख को विवाह का शुभ मुहूर्त है. इस दिन रविवार है. 6 मार्च- इस महीने की एक और दो के बाद फिर 6 तारीख को विवाह का शुभ मुहूर्त है. इस दिन गुरुवार है. 7 मार्च- इस महीने की 7 तारीख को विवाह का शुभ मुहूर्त है. इस दिन शुक्रवार है. 12 मार्च- इस महीने की 7 के बाद फिर 12 तारीख को विवाह का शुभ मुहूर्त है. इस दिन बुधवार है. ये मार्च के महीने में विवाह का अंतिम शुभ मुहूर्त है.