चीन में फैला ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) धीरे-धीरे दुनिया में पैर पसार रहा है. भारत में भी इस संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय वायरस को लेकर गंभीर है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को इस वायरस से अलर्ट रहने को कहा है. HMPV सांसों में होने वाली एक बीमारी है. इसका लक्षण कोविड-19 के जैसे हैं. कोविड-19 में बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण होते थे. वहीं लक्षण इस वायरस में भी दिख रहे हैं. हालांकि ये कोविड जितना घातक नहीं है.
विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस का सीधे-सीधे तो किडनी पर बुरा प्रभाव डालने का कोई लक्षण तो नहीं दिख रहा है, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से इसके प्रभाव होने के कुछ सबूत मिले हैं. हालांकि एचएमपीवी सीधे तौर पर गुर्दे को प्रभावित नहीं करता. कुछ मामलों में रोगी को डायलिसिस की जरूरत पड़ती है तो इस स्थिति में गुर्दे प्रभावित हो सकते हैं. विशेषज्ञों की मानें तो एचएमपीवी का किडनी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. यह वायरस कुछ रोगियों में तीव्र किडनी क्षति का कारण बन सकता है. एक शोध में एचएमपीवी के संक्रमण और गुर्दे की समस्याओं के बीच होने वाले दुष्प्रभाव के कुछ सबूत मिले हैं.
संयुक्त राज्य अमेरिका में अस्पताल में भर्ती बच्चों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि एचएमपीवी के संक्रमण से गुर्दे की समस्या (AKI) बढ़ गई है. यह अध्ययन एचएमपीवी संक्रमण और किडनी रोगों के बीच संभावित संबंध को कुछ हद तक सही साबित कर रहा है. हालांकि, इस बारे में और अधिक जानकारी हासिल करने के लिए अध्ययनों की जरूरत है.
हाइपोक्सिया किडनी को खराब कर सकता है
एचएमपी संक्रमण से गंभीर सांस की बीमारी पैदा होती है. शरीर में श्वसन संक्रमण से हाइपोक्सिया होने की संभावना भी बढ़ सकती है. ऐसी स्थिति में शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगती है और किडनी में ब्लड का फ्लो बाधित होने लगता है. लिहाजा किडनी सही तरीके से फंक्शन नहीं कर पाती है. खासकर बीमारी के दौरान तेज बुखार, उल्टी होने से किडनी की समस्या बढ़ जाती है.
ये लक्षण होने पर डॉक्टर से करें संपर्क
पेशाब सही तरीके से न आना
पैरों या चेहरे में सूजन
थकान और शरीर में कमजोरी होने लगती है
पेट में तेज दर्द बने रहना